गैस किल्लत पर सरकार सख्त: 10 दिनों में हालात सामान्य करने का अल्टीमेटम
झारखंड में एलपीजी गैस की किल्लत को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मंत्री ने गैस एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट निर्देश दिया है कि 7 से 10 दिनों के भीतर हर हाल में लंबित डिलीवरी (बैकलॉग) को खत्म कर आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य किया जाए।
मंत्री ने रांची, जमशेदपुर और धनबाद जैसे प्रमुख जिलों में भारी बैकलॉग पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लंबित डिलीवरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने एजेंसियों को चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने निर्देश दिया है कि जिन जिलों में सबसे ज्यादा बैकलॉग है, वहां प्राथमिकता के आधार पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। साथ ही एलपीजी की उपलब्धता, मांग और डिलीवरी की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
मंत्री ने यह भी साफ किया कि शादी-विवाह और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान गैस की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे अवसरों पर विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही अवैध तरीके से सड़क पर सिलेंडर डिलीवरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। कालाबाजारी और अनावश्यक स्टॉक करने वालों पर भी सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने आम लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। राज्य में गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता है और हर घर तक समय पर डोर-स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने यह भी कहा है कि मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा तथा हर जिले में नियमित समीक्षा कर स्थिति पर नजर रखी जाएगी, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। सरकार का संदेश साफ है “गैस की किल्लत किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, हर घर तक समय पर सिलेंडर पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।”


















