दिल दहला देने वाली घटना: नाबालिग बच्ची की निर्मम हत्या, आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिका समेत 3 गिरफ्तार
रांची जिले के कांके थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आंगनबाड़ी की महिला पर्यवेक्षिका सहित तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, कांके थाना कांड संख्या 84/26, दिनांक 11 अप्रैल 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं एवं जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 में आंगनबाड़ी की महिला पर्यवेक्षिका सुषमा कुमारी एक बच्ची को बुढ़मू क्षेत्र से उसके परिजनों से अपने साथ रखकर देखरेख और भरण-पोषण के नाम पर लाई थी। समय के साथ बच्ची के परिजनों और महिला के बीच आर्थिक व अन्य कारणों से विवाद उत्पन्न हो गया। जांच के दौरान यह सामने आया कि सुषमा कुमारी और उसके सहयोगी (भाई) ने बच्ची को अपने घर में बंधक बनाकर रखा और उसके साथ लगातार अमानवीय व्यवहार किया।
दिनांक 10-11 अप्रैल 2026 की रात आरोपियों ने बच्ची को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते हुए उसकी निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने और मामले को सामान्य मौत दिखाने की साजिश रची। इसके तहत शव को अलग-अलग अस्पतालों में ले जाकर भ्रम पैदा करने की कोशिश की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गहन छानबीन के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया। आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिका सुषमा कुमारी के बयान ने भी कई अहम तथ्यों को उजागर किया।
पुलिस ने तीन आरोपी को हिरासत में लिया है। इस जघन्य अपराध में संलिप्त लोगों में सुषमा कुमारी, प्रदीप बारला और संतोष कुमार दास शामिल हैं। पुलिस द्वारा सभी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं, जिनमें सफेद रंग की मारुति स्विफ्ट डिजायर कार, विभिन्न कंपनियों के तीन मोबाइल फोन, हत्या में प्रयुक्त कैंची, प्लास, लाठी, रस्सी और एडहेसिव टेप शामिल हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अपराध में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।
















