गिरिडीह: नाइस पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल पर POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई, नाबालिग से छेड़छाड़ का आरोप
गिरिडीह: नाइस पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल पर POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई, नाबालिग से छेड़छाड़ का आरोप
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गिरिडीह न्यूज़ डेस्क : झारखंड के गिरिडीह जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ एक शिक्षा संस्थान के प्रमुख पर ही छात्रा की सुरक्षा में सेंध लगाने का आरोप लगा है। पचंबा थाना क्षेत्र के नाइस पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल मोहम्मद इमामुद्दीन को 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ निरंतर छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम: 6 महीने से प्रताड़ना का आरोप
पीड़िता के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी प्रिंसिपल पिछले छह महीनों से छात्रा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी गलत इरादे से छात्रा के साथ दुर्व्यवहार करता था।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस की सक्रियता
पचंबा थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की है:
POCSO एक्ट: आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
न्यायिक हिरासत: पुलिस ने आरोपी मोहम्मद इमामुद्दीन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
जांच का दायरा: पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या स्कूल की अन्य छात्राएं भी इस तरह के दुर्व्यवहार का शिकार हुई हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया और सुरक्षा पर सवाल
वार्ड संख्या 6 के पार्षद संजीव कुमार सहित स्थानीय निवासियों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है। उनका आरोप है कि इस तरह की घटनाएं लंबे समय से चल रही थीं, जिस पर स्कूल प्रशासन ने पर्दा डाले रखा।
अभिभावकों के मुख्य सवाल:
1. स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरों और महिला स्टाफ की निगरानी क्यों नहीं थी?
2. इतने महीनों तक इस गंभीर विषय पर स्कूल प्रशासन मौन क्यों रहा?
निष्कर्ष और सुरक्षा सुझाव
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में बच्चों को गुड टच और बैड टच के प्रति जागरूक करना और एक भयमुक्त शिकायत प्रणाली विकसित करना समय की मांग है।















