झारखंड कोषागार घोटाला: हजारीबाग-बोकारो के बाद अब पश्चिमी सिंहभूम में हड़कंप, CID की SIT ने संभाली जांच की कमान
झारखंड कोषागार घोटाला: हजारीबाग-बोकारो के बाद अब पश्चिमी सिंहभूम में हड़कंप, CID की SIT ने संभाली जांच की कमान
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रांची/हजारीबाग: झारखंड के सरकारी कोषागारों (Treasury) से अवैध निकासी का मामला अब गहराता जा रहा है। हजारीबाग और बोकारो में करोड़ों की धोखाधड़ी के बाद अब पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) से भी लाखों की अवैध निकासी का मामला प्रकाश में आया है। राज्य सरकार की गंभीरता को देखते हुए इन मामलों की जांच के लिए अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने मोर्चा संभाल लिया है।
IG पंकज कंबोज के नेतृत्व में SIT का गठन
हजारीबाग और बोकारो के कांडों के बेहतर और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए पुलिस महानिरीक्षक (मानवाधिकार) पंकज कंबोज (IPS) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया है।
SIT की टीम में शामिल अधिकारी:
01 पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG)
02 पुलिस अधीक्षक (SP)
03 पुलिस उपाधीक्षक (DSP)
02 पुलिस निरीक्षक
SIT के अध्यक्ष ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से सभी सदस्यों के साथ कांडों की समीक्षा की है। टीम ने हजारीबाग और बोकारो पहुंचकर सूक्ष्म अनुसंधान (Micro-investigation) शुरू कर दिया है।
पश्चिमी सिंहभूम: पुलिस विभाग के खातों से 45 लाख गायब
ताजा मामला पश्चिमी सिंहभूम का है, जहाँ पुलिस विभाग के खातों से करीब 45 लाख रुपये की अवैध निकासी का पता चला है। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त मनीष कुमार स्वयं जांच की निगरानी कर रहे हैं।
अब तक की कार्रवाई:
एक आरक्षी हिरासत में: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोइलकेरा से एक आरक्षी (सिपाही) को हिरासत में लिया है।
वित्तीय टीम की दबिश: रांची मुख्यालय से एक विशेष वित्तीय टीम चाईबासा पहुंची है, जो बैंकिंग ट्रांजेक्शन और तकनीकी डेटा की जांच कर रही है।
लेखा विभाग से पूछताछ: पुलिस के लेखा विभाग में कार्यरत दो कर्मचारियों से भी लंबी पूछताछ की गई है।
संगठित गिरोह की आशंका
तीनों जिलों में हुई इस अवैध निकासी के पैटर्न को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है। हजारीबाग और बोकारो में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316, 318 और 61(2) जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से संदिग्ध खातों और ट्रांजेक्शन ट्रेल को खंगाला जा रहा है ताकि इस सिंडिकेट का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।
दर्ज किए गए मामलों में BNS की धाराओं का प्रयोग किया गया है, जो मुख्य रूप से निम्नलिखित से संबंधित हैं:
धारा 316: अमानत में खयानत (Criminal breach of trust)।
धारा 318: धोखाधड़ी (Cheating)।
धारा 336/338: जाली दस्तावेज बनाना या उनका उपयोग करना (Forgery)।
धारा 61(2): आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy)।
ब्यूरो रिपोर्ट, [Drishti Now ]















