झारखंड ट्रेजरी घोटाला: बोकारो से होमगार्ड जवान गिरफ्तार, 14 ट्रेजरी में फर्जीवाड़े की पुष्टि; DSP स्तर के अधिकारियों ने भी लिया दो बार वेतन
झारखंड ट्रेजरी घोटाला: बोकारो से होमगार्ड जवान गिरफ्तार, 14 ट्रेजरी में फर्जीवाड़े की पुष्टि; DSP स्तर के अधिकारियों ने भी लिया दो बार वेतन
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
रांची/बोकारो: झारखंड में वेतन मद में करोड़ों रुपये की अवैध निकासी और फर्जीवाड़े के मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बड़ी सफलता हासिल की है। बोकारो ट्रेजरी घोटाले के मुख्य आरोपी लेखापाल कौशल कुमार पाण्डेय के करीबी सहयोगी सतीश कुमार (होमगार्ड जवान) को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह गिरफ्तारी उस वक्त हुई है जब महालेखाकार (AG) की जांच में राज्य की 33 में से 14 ट्रेजरी में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई है।
SP ऑफिस के अकाउंट सेक्शन में था तैनात
गिरफ्तार आरोपी सतीश कुमार बोकारो पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में प्रतिनियुक्त था। जांच में सामने आया है कि वह मुख्य आरोपी कौशल कुमार पाण्डेय के साथ मिलकर फर्जी बिलों के जरिए सरकारी खजाने को चूना लगा रहा था। CID अब सतीश से पूछताछ कर इस गिरोह के अन्य सदस्यों और फर्जीवाड़े के तौर-तरीकों का पता लगा रही है।
एक ही महीने में दो बार वेतन: रक्षक ही बने भक्षक!
महालेखाकार की जांच में सबसे सनसनीखेज खुलासा पुलिस विभाग को लेकर हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, सिपाही से लेकर DSP स्तर के अधिकारियों ने एक ही महीने में दो-दो बार वेतन की निकासी की है।
दो बार वेतन लेने वाले प्रमुख अधिकारियों के नाम:
DSP: नौशाद आलम, राजेश यादव, मणिभूषण प्रसाद और मुकेश कुमार महतो।
सिपाही: राकेश कुमार चौधरी, अशोक संजय, चंदन कुमार तिवारी, अरविंद यादव और शंकर राम।
इन विभागों पर भी गहराया शक
जांच का दायरा अब केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं है। महालेखाकार ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर आगाह किया है कि कृषि, पशुपालन और स्वास्थ्य विभाग में भी वेतन मद में भारी हेराफेरी हुई हो सकती है।
महालेखाकार ने राज्य सरकार को विस्तृत जांच की अनुशंसा भेजी है। सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में कई राजपत्रित अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। CID इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह केवल मानवीय भूल थी या फिर जानबूझकर सॉफ्टवेयर के साथ छेड़छाड़ कर इस घोटाले को अंजाम दिया गया।
















