जगन्नाथपुर मंदिर हत्याकांड: भाजपा ने कानून-व्यवस्था को घेरा, मृतक के परिजनों को 50 लाख मुआवजा और नौकरी की मांग
जगन्नाथपुर मंदिर हत्याकांड: भाजपा ने कानून-व्यवस्था को घेरा, मृतक के परिजनों को 50 लाख मुआवजा और नौकरी की मांग
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राँची: धुर्वा स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर के गर्भगृह की रखवाली करने वाले गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या के बाद राज्य में सियासत गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान भाजपा ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताया।
परिजनों को 50 हजार की आर्थिक सहायता
भाजपा की ओर से पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया गया और तत्काल राहत के रूप में 50,000 रुपये की सहयोग राशि प्रदान की गई। आदित्य साहू ने आश्वासन दिया कि पार्टी दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
भाजपा की प्रमुख मांगें:
राज्य सरकार से मांग करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि:
* मृतक के परिजनों को अविलंब 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
* परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
* भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मंदिर परिसर की सुरक्षा बढ़ाई जाए।
राज्य में चल रही है अपराधियों की समानांतर सरकार
प्रेस को संबोधित करते हुए आदित्य साहू ने कहा कि राजधानी में विधानसभा से चंद कदमों की दूरी पर एक आदिवासी गार्ड की हत्या होना शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि:
1. सुरक्षा में चूक: मुख्यमंत्री आदिवासियों की सरकार होने का दावा करते हैं, लेकिन उनकी नाक के नीचे आदिवासी समाज असुरक्षित है।
2. भ्रष्टाचार का असर: पुलिस प्रशासन ट्रांसफर-पोस्टिंग के खेल में व्यस्त है, जिससे उनका ध्यान लॉ एंड ऑर्डर से हट गया है।
3. नशे का अड्डा: मंदिर के आसपास पुलिस के संरक्षण में अवैध नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, जिससे अपराधी बेखौफ हैं।
4. मंदिर समिति पर सवाल: मंदिर समिति में स्थानीय लोगों को जगह नहीं दी गई है और इसका पूरी तरह कांग्रेसीकरण कर दिया गया है।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
परिजनों से मिलने पहुंचे नेताओं में केंद्रीय मंत्री संजय सेठ पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी , मेयर रोशनी खलखो , वरुण साहू, नीरज कुमार, अशोक बड़ाईक, नीलम चौधरी, उमेश यादव, उमेश तिवारी और अन्य प्रमुख कार्यकर्ता शामिल थे।
भाजपा ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार की मांगों को पूरा नहीं किया, तो पार्टी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
















