नारी शक्ति वंदन अधिनियम: रोशनी खलखो का कांग्रेस पर तीखा प्रहार, कहा- ‘इंडी गठबंधन ने खोया स्वर्णिम अवसर’
मेयर रोशनी खलखों ने अंबा प्रसाद के उस बयान की भी कड़ी निंदा की जिसमें जनता को “कम पढ़ा-लिखा” बताया गया था। कहा तरह का बयान न केवल जनता का अपमान है, बल्कि यह कांग्रेस की अहंकारी मानसिकता को भी दर्शाता है।

रांची: भारतीय जनता पार्टी ने महिला कांग्रेस की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस पर जोरदार पलटवार किया है। रांची की महापौर रोशनी खलखो ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और ‘इंडी’ गठबंधन के नेताओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में खड़ा न होकर एक ऐतिहासिक और सुनहरा अवसर गंवा दिया है।
झूठ परोसने से अब कोई फायदा नहीं: रोशनी खलखो
रोशनी खलखो ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस अब प्रेस वार्ता कर जनता के बीच झूठ परोस रही है, लेकिन उनकी ‘पोल-पट्टी’ अब देश के सामने खुल चुकी है। उन्होंने कहा, “विपक्ष के नकारात्मक रवैये के कारण महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ा यह ऐतिहासिक बदलाव आज अधूरा रह गया है। देश की नारी शक्ति इन्हें कभी माफ नहीं करेगी।”
झारखंड को होता बड़ा फायदा, बढ़तीं सीटें
महापौर ने आंकड़ों के साथ विपक्ष को घेरते हुए कहा कि यदि यह अधिनियम सही ढंग से लागू करने में विपक्ष ने बाधा न डाली होती, तो आज झारखंड की तस्वीर कुछ और होती:
लोकसभा सीटें: राज्य में लोकसभा की सीटें 14 से बढ़कर 21 हो जातीं।
विधानसभा सीटें: विधानसभा की सीटें 121 के आसपास पहुँच जातीं।
सशक्तिकरण: इन बढ़ी हुई सीटों से स्वाभाविक रूप से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में बड़ी वृद्धि होती।
खलखो ने सवाल उठाया कि जब झारखंड विधानसभा से भी कई बार इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया, तो अवसर आने पर इंडी गठबंधन ने महिला विरोधी रुख क्यों अपनाया?
परिवारवाद और जनता के अपमान का मुद्दा
महापौर ने कांग्रेस की आंतरिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में केवल परिवारवाद’ को तवज्जो दी जाती है, जिससे आम महिलाओं को उनका हक नहीं मिलता।
इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के उस बयान की भी कड़ी निंदा की जिसमें जनता को “कम पढ़ा-लिखा” बताया गया था। रोशनी खलखो ने कहा कि इस तरह का बयान न केवल जनता का अपमान है, बल्कि यह कांग्रेस की अहंकारी मानसिकता को भी दर्शाता है।
महिलाएं सिखाएंगी सबक
अंत में उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि देश और राज्य की महिलाओं को अब सब कुछ समझ में आ गया है। समय आने पर महिलाएं वोट की चोट से इस महिला विरोधी राजनीति को सबक सिखाने का काम करेंगी।


















