नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष भ्रम फैला रहा, महिलाओं से किया विश्वासघात: पूर्णिमा साहू

रांची : भाजपा नेत्री एवं जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन इस महत्वपूर्ण कानून पर भ्रम फैला रहे हैं और महिलाओं के साथ विश्वासघात कर रहे हैं।
सोमवार को रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि 16-17 अप्रैल को संसद में देश की आधी आबादी को समान अधिकार और भागीदारी देने का ऐतिहासिक अवसर था, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर अपनी महिला-विरोधी सोच उजागर कर दी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में स्पष्ट किया है कि महिलाओं को अधिकार देना कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक हक है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी परिसीमन को लेकर आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि इससे किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि जनसंख्या के आधार पर संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा।
पूर्णिमा साहू ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पहले से ही जनगणना और परिसीमन से जुड़ा है। वर्ष 2023 में जब यह विधेयक पेश हुआ था, तब विपक्ष ने इसका विरोध नहीं किया, लेकिन अब इसे लागू करने के समय राजनीतिक कारणों से विरोध किया जा रहा है।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में महिलाओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिला और आज भी उसके नेता महिलाओं के प्रति असंवेदनशील बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं जागरूक और सशक्त हैं तथा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने को तैयार हैं।
प्रेस वार्ता में जानकारी दी गई कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में 28 अप्रैल को शाम 5 बजे रांची में जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इसमें हजारों महिलाओं के शामिल होने की संभावना है। इस अवसर पर आरती कुजूर, सीमा सिंह, रफिया नाज़ और बबीता झा सहित कई भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
















