डिमना हादसे के बाद MGM में सख्ती: हॉस्टलों से हटेगा अवैध कब्जा, नए इंटर्न को मिलेगी जगह

जमशेदपुर: डिमना लेक में दो इंटर्न डॉक्टरों समीर और सक्षम की डूबने से हुई मौत के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन हॉस्टल व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। नए इंटर्न डॉक्टरों को रहने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कॉलेज परिसर और उससे जुड़े हॉस्टलों में अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
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कॉलेज प्रशासन की जांच में पता चला कि साकची स्थित इंटर्न हॉस्टल-1 और हॉस्टल-2 में कुल 108 कमरे हैं, लेकिन इनमें से केवल 40 कमरों का ही नियमानुसार आवंटन किया गया है। शेष 68 कमरों पर ऐसे लोगों का कब्जा है, जिनकी इंटर्नशिप या पढ़ाई पूरी हो चुकी है अथवा जिन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत कमरा आवंटित नहीं कराया। प्रशासन का कहना है कि संबंधित लोगों को पहले भी कई बार हॉस्टल खाली करने का नोटिस दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद कमरे खाली नहीं किए गए।
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अब कॉलेज प्रशासन ने अवैध कब्जों की पूरी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है। प्रशासनिक सहयोग से जल्द ही हॉस्टल खाली कराने की कार्रवाई शुरू होगी, ताकि नए इंटर्न डॉक्टरों को रहने की सुविधा मिल सके।
दरअसल, शैक्षणिक सत्र 2025-26 से एमबीबीएस की सीटें 100 से बढ़ाकर 150 कर दी गई हैं। सीटों में बढ़ोतरी के साथ इंटर्न डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ी है, लेकिन हॉस्टलों में पर्याप्त कमरे उपलब्ध नहीं होने के कारण करीब 100 नए इंटर्न डॉक्टरों के सामने आवास की समस्या खड़ी हो गई है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पुराने एमजीएम अस्पताल परिसर के पास बने 68 नर्स क्वार्टरों पर भी अनधिकृत कब्जा है। वहीं, डिमना चौक स्थित नर्सिंग हॉस्टल में करीब 50 इंटर्न डॉक्टर रह रहे हैं, जबकि यह भवन नर्सिंग छात्रों के लिए निर्धारित है। इसके अलावा एमबीबीएस छात्रों के हॉस्टल में भी लगभग एक दर्जन इंटर्न डॉक्टरों के रहने की जानकारी मिली है। इन सभी को हॉस्टल खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
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एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने बताया कि हॉस्टलों की व्यवस्था और सुरक्षा की व्यापक समीक्षा की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों का हॉस्टल में रहने का अधिकार नहीं है, उन्हें हर हाल में परिसर खाली करना होगा। निर्देशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कॉलेज प्रशासन का उद्देश्य हॉस्टलों में अनुशासन बहाल करना और नए छात्रों व इंटर्न डॉक्टरों को बेहतर आवास सुविधा उपलब्ध कराना है।















