भाजपा के आरोपों को कांग्रेस ने बताया भ्रामक, कहा- हेमंत सरकार ने खुद कराई जांच और विशेष ऑडिट की पहल

झारखंड में कथित ट्रेजरी घोटाले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव के आरोपों को तथ्यों से परे और राजनीतिक हताशा का परिचायक बताया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रांची में सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में मुंजनी ने कहा कि भाजपा लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के ट्रेजरी घोटाले का हवाला देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने मामले को दबाने के बजाय स्वयं संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए, एसआईटी का गठन किया, सीआईडी जांच कराई और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से विशेष ऑडिट कराने की अनुशंसा की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा चारा घोटाले का उदाहरण देती है, जबकि उसकी जड़ें अविभाजित बिहार के प्रशासनिक ढांचे में थीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान ट्रेजरी मामले में भी जो कोई दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन जांच पूरी होने से पहले राजनीतिक फैसला सुनाना उचित नहीं है।

मुंजनी ने भाजपा से देशभर में सामने आए बैंक घोटालों और आर्थिक अपराधों पर भी जवाब मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वित्तीय नियमों और कोषागार संहिता का हवाला देकर जांच एजेंसियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है और दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के मुताबिक सजा मिलेगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य में विकास, निवेश और जनकल्याणकारी योजनाओं से ध्यान भटकाने के लिए झूठे आरोपों की राजनीति कर रही है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी भ्रष्टाचार के मामले में निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई के पक्ष में है, लेकिन अधूरी जानकारी और राजनीतिक प्रोपेगेंडा के आधार पर जनता को भ्रमित करने का विरोध करती है।















