नौकरी का झांसा देकर 900 लोगों से 6 करोड़ की ठगी, सरगना समेत छह गिरफ्तार

शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा: नौकरी दिलाने के नाम पर सिक्योरिटी मनी वसूलकर करीब 900 लोगों से 5 से 6 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले कथित अंतरराज्यीय रैकेट का सिमडेगा पुलिस ने खुलासा किया है। VSK फाउंडेशन के नाम पर चल रहे इस नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, ठगी का नेटवर्क सिमडेगा के अलावा छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले तक फैला हुआ था। मामले में आगे की जांच जारी है।
सिमडेगा एसपी श्रीकांत एस. खोटरे ने प्रेस वार्ता में बताया कि बानो थाना कांड संख्या 27/26 और कुरडेगा थाना कांड संख्या 36/26 के तहत धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए थे। ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि VSK फाउंडेशन के नाम पर अलग-अलग पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे सिक्योरिटी मनी के रूप में रकम ली गई और बाद में उनके साथ धोखाधड़ी की गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि संस्था के जरिए आकर्षक वेतन पर विभिन्न पदों पर नौकरी देने का लालच दिया जाता था। इसके लिए स्टेट हेड के नाम पर तीन लाख रुपये, डिस्ट्रिक्ट हेड के लिए 1.50 लाख, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के लिए 60 हजार और सेंटर इंचार्ज के लिए 40 हजार रुपये तक की सिक्योरिटी मनी ली जाती थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर डीएसपी, एसडीपीओ और अन्य पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से मामले से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, लोगों से संस्था के नाम पर वसूली गई रकम का इस्तेमाल कथित तौर पर निजी संपत्ति अर्जित करने में किया जा रहा था। पीड़ितों की राशि वापस कराने के उद्देश्य से आरोपियों की संपत्तियों को अटैच/कुर्क करने की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अशोक साय, ओम प्रकाश, एनिस केरकेट्टा, सरोज केरकेट्टा, गौरती केरकेट्टा और कुन्दन शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
एसपी श्रीकांत एस. खोटरे ने बताया कि संस्था का नेटवर्क छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में भी लोगों को गुमराह कर विस्तार करने की कोशिश कर रहा था। ऐसे में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। ठगी की रकम के वित्तीय लेन-देन, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।

एसपी ने यह भी कहा कि संस्था से जुड़े तीसरे और चौथे स्तर के कर्मियों की भूमिका फिलहाल सीधे तौर पर आपराधिक नजर नहीं आ रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे कर्मियों को लेकर पैनिक न फैलाएं। पुलिस सभी की भूमिका की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई करेगी।
करीब 10 दिनों में मामले का खुलासा और छह आरोपियों की गिरफ्तारी को सिमडेगा पुलिस की अहम कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की वास्तविक रकम को लेकर और खुलासे हो सकते हैं।
















