एक एकड़ में खेती, पशुपालन और मत्स्य पालन का मॉडल, महिला किसानों के लिए शुरू होगी ‘खुशहाली योजना’

रांची: राज्य सरकार महिला किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए जल्द ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ शुरू करने की तैयारी में है। योजना के तहत एक एकड़ भूमि को आधार बनाकर समेकित खेती का मॉडल विकसित किया जाएगा। इसमें खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी जैसी गतिविधियों को जोड़ा जाएगा, ताकि महिला किसानों के लिए सालभर आय के कई स्रोत तैयार हो सकें।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इसी सिलसिले में गुरुवार को रांची के नेपाल हाउस स्थित सभागार में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में विभागीय मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, सचिव, विशेष सचिव, सभी निदेशक समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में योजना के स्वरूप, लाभार्थियों के चयन, समेकित खेती के मॉडल, सरकारी सहायता और लाभुक अंशदान सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

योजना के तहत फिलहाल एक एकड़ भूमि को आधार बनाकर Integrated Farming System (IFS) विकसित करने की तैयारी है। स्थानीय परिस्थितियों और जरूरत के अनुसार इसमें बकरी पालन, सूकर पालन, बत्तख पालन, गाय पालन, मछली पालन और हॉर्टिकल्चर को शामिल किया जा सकेगा। विभाग तीन से चार अलग-अलग प्रकार के IFS मॉडल तैयार कर रहा है। मॉडल को अंतिम रूप दिए जाने के बाद सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता और लाभुक महिला किसान के अंशदान की राशि तय की जाएगी।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि योजना में महिला किसानों की भागीदारी और स्वामित्व की भावना बनाए रखने के लिए उनका सीमित अंशदान रखा जाएगा। योजना के सफल संचालन की स्थिति में इस अंशदान को वापस करने के प्रावधान पर भी विभाग विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का स्पष्ट उद्देश्य राज्य में समेकित खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय और आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। इसी उद्देश्य के तहत महिला किसानों को खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी से जोड़ा जाएगा।

योजना के पहले चरण में व्यक्तिगत महिला किसानों को लाभ देने का प्रस्ताव है। फिलहाल एक लाभुक के लिए एक एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। मंत्री ने कहा कि विभाग की कोशिश है कि महिला किसान सिर्फ खेती करने वाली न रहें, बल्कि अपने खेत को एक पूर्ण आर्थिक इकाई के रूप में संचालित करें। एक ही भूमि पर कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी को जोड़कर उन्हें आय के कई विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे।
मंत्री ने बताया कि योजना के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। इसके बाद ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ को मंत्रिपरिषद के समक्ष स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
















