गुमला: भीषण आंधी-तूफान के बीच स्कूली बच्चों से भरा ऑटो पलटा, 5 घायल; सदर अस्पताल रेफर
गुमला के महुआडांड़ में तेज आंधी-तूफान के कारण स्कूली बच्चों से भरा ऑटो पलटा। हादसे में 5 छात्र घायल, गंभीर हालत में सदर अस्पताल रेफर। पढ़ें पूरी खबर और बच्चों का हेल्थ अपडेट।
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दीपक गुप्ता/ गुमला
गुमला (महुआडांड़) | झारखंड के गुमला जिले से एक बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आ रही है। महुआडांड़ थाना क्षेत्र में गुरुवार को तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश के कारण स्कूली बच्चों से भरा एक रिजर्व ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ऑटो सवार पांच बच्चे घायल हो गए हैं, जिनमें से एक मासूम का हाथ टूट गया है।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, संत माइकल पब्लिक स्कूल (महुआडांड़) के बच्चे गुरुवार सुबह करीब 11 बजे स्कूल की छुट्टी के बाद ऑटो से अपने गांव ‘अकशी’ लौट रहे थे। इसी दौरान मौनीडीह गांव के पास मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं और बारिश की वजह से सड़क पर फिसलन बढ़ गई, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। ऑटो सड़क किनारे पलट गया और करीब तीन से चार बार पलटी खाते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
घायलों का विवरण
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। घायल बच्चों की पहचान इस प्रकार है:
अनुस उरांव (7 वर्ष) बायां हाथ टूट गया (गंभीर चोट)।
अनुरूपा एक्का (15 वर्ष)
नेहा टोप्पो (13 वर्ष)
आथिक बड़ा (9 वर्ष)
साक्षी टोप्पो (14 वर्ष)
अस्पताल में चल रहा है इलाज
घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद, बेहतर इलाज के लिए 108 एंबुलेंस के जरिए सभी बच्चों को गुरुवार रात सदर अस्पताल, गुमला रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी बच्चे फिलहाल खतरे से बाहर हैं, लेकिन उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे की खबर मिलते ही बच्चों के परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि यह हादसा पूरी तरह से खराब मौसम की वजह से हुआ। राहत की बात यह रही कि ऑटो चालक को इस घटना में कोई चोट नहीं आई है।
प्रशासन से सुरक्षा की मांग
इस घटना ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खराब मौसम के दौरान स्कूली वाहनों के परिचालन को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी की जाए और सुरक्षा मानकों की जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
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