रांची: BJP नेता राजीव रंजन मिश्रा की गिरफ्तारी दुर्भाग्यपूर्ण, तुरंत रिहा करे सरकार: डॉ. प्रणव कुमार बब्बू
वन कानून के तहत फंसाने का आरोप, मामले की CBI जांच कराने की मांग
मांग पूरी न होने पर रांची रिवोल्ट जन मंच ने दी तीव्र आंदोलन की चेतावनी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रांची, : वरिष्ठ BJP नेता और समाजसेवी राजीव रंजन मिश्रा (चुन्नू जी) की गिरफ्तारी को लेकर रांची के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अधिवक्ता, भाजपा नेता और सामाजिक-वैचारिक संगठन ‘रांची रिवोल्ट जन मंच’ के संयोजक डॉ. प्रणव कुमार बब्बू ने इस गिरफ्तारी पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राजीव रंजन मिश्रा को तुरंत रिहा करने की मांग की है।
“राजनीतिक और सामाजिक इतिहास रहा है बेदाग”
मामले पर अपना कड़ा रुख स्पष्ट करते हुए डॉ. प्रणव कुमार बब्बू ने कहा कि राजीव रंजन मिश्रा जी का एक लंबा, प्रतिष्ठित सामाजिक और राजनीतिक इतिहास रहा है। सार्वजनिक जीवन में उनके ऊपर आज तक एक भी दाग नहीं लगा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रकार से वन कानून (Forest Law) की आड़ लेकर उन्हें इस मामले में दुर्भाग्यपूर्ण रूप से फंसाया गया है, वह घटना लोकतंत्र और निष्पक्षता पर सवाल उठाती है। यह पूरी कार्रवाई बेहद परेशान और विचलित करने वाली है।
“राजीव रंजन मिश्रा जी को वन कानून के तहत जिस तरह फंसाया गया है, वह बेहद चिंताजनक है। उनके बेदाग इतिहास को देखते हुए इस मामले में गहरी साजिश की बू आती है।” डॉ. प्रणव कुमार बब्बू
अविलंब हो CBI जांच, वरना होगा तीव्र आंदोलन
डॉ. बब्बू ने इस मामले की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की अविलंब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराई जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि राजीव रंजन मिश्रा को तुरंत रिहा नहीं किया गया और मामले की निष्पक्ष CBI जांच शुरू नहीं हुई, तो ‘रांची रिवोल्ट जन मंच’ और उनके समर्थक चुप नहीं बैठेंगे और इसके खिलाफ राज्यव्यापी तीव्र आंदोलन का शंखनाद किया जाएगा।


















