Contract Killer' Suraj Sinha—Arrested in Kolkata

कोलकाता से दबोचा गया 20 लाख का सुपारी किलर सूरज सिन्हा, BJP नेता अनिल टाइगर हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता

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रांची पुलिस की बड़ी कामयाबी: कोलकाता से दबोचा गया 20 लाख का सुपारी किलर सूरज सिन्हा; अनिल टाइगर हत्याकांड और व्यवसायी पर हमले का मुख्य मास्टरमाइंड

Contract Killer' Suraj Sinha—Arrested in Kolkata

आकाश सिंह

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में संगठित अपराध और जमीन माफियाओं के गठजोड़ के खिलाफ रांची पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसएसपी राकेश रंजन के सीधे निर्देश पर काम कर रही पुलिस की एक विशेष टीम ने रंगदारी, हत्या और जानलेवा हमले की साजिश रचने वाले कुख्यात सरगना अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस की गिरफ्त में आए इस शातिर अपराधी ने रांची के एक नामी छड़-सीमेंट व्यवसायी की हत्या के लिए 20 लाख की सुपारी ली थी। इसके साथ ही, वह पिछले साल हुए रांची के चर्चित जमीन कारोबारी अनिल महतो उर्फ अनिल टाइगर हत्याकांड का भी मुख्य सूत्रधार (मास्टरमाइंड) रहा है। पुलिस लंबे समय से इसकी तलाश में जुटी हुई थी।

कांड संख्या 1: कटहल मोड़ के व्यवसायी पर जानलेवा हमला और 20 लाख की सुपारी, दुकान के बाहर की गई थी अंधाधुंध फायरिंग

मामला पिछले साल 15 अक्टूबर 2025 का है। रांची के नगड़ी थाना क्षेत्र के कटहल मोड़ के पास स्थित ‘शांभवी इंटरप्राइजेज’ के मालिक और छड़-सीमेंट के बड़े व्यवसायी राधेश्याम साहू पर उनकी दुकान के पास ही दो अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। इस जानलेवा हमले में व्यवसायी को कई गोलियां लगी थीं और वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद इलाके में दहशतैल गई थी। इस मामले को लेकर नगड़ी थाना में कांड संख्या- 160/25 दर्ज कर पुलिस ने तफ्तीश शुरू की थी।

एसएसपी के निर्देश पर बनी SIT, कोलकाता में दी दबिश

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन ने ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (Rural SP) के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान टीम (SIT) का गठन किया। तकनीकी इनपुट और जांच के आधार पर पुलिस ने पहले ही इस घटना को अंजाम देने वाले दो शूटरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता सूरज सिन्हा पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।
हाल ही में पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि सूरज सिन्हा अपनी पहचान छिपाकर कोलकाता में फरारी काट रहा है। सूचना के आधार पर रांची पुलिस की टीम ने कोलकाता में छापेमारी कर उसे धर दबोचा। रांची लाकर जब पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने कबूला कि उसने व्यवसायी राधेश्याम साहू की हत्या को अंजाम देने के लिए 20 लाख रुपये की भारी-भरकम सुपारी ली थी।

कांड संख्या 2: अनिल टाइगर हत्याकांड का भी खुला राज, 10 एकड़ जमीन का था विवाद

सूरज सिन्हा से हुई कड़ाई से पूछताछ में रांची के एक और बेहद चर्चित हत्याकांड का पर्दाफाश हो गया। आरोपी ने स्वीकार किया कि कांके थाना क्षेत्र में हुए अनिल महतो उर्फ अनिल टाइगर हत्याकांड के पीछे भी उसी का दिमाग था।

क्या थी हत्या की वजह?

26 मार्च 2025 को कांके चौक के पास स्थित एक होटल में अनिल टाइगर की गोली मारकर सरेआम हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि कांके थाना क्षेत्र के चामगुरू मौजा में स्थित 10 एकड़ की एक कीमती पुश्तैनी जमीन को लेकर देवव्रत नाथ शाहदेव और स्थानीय जोतकारों (किसानों) के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। अनिल टाइगर इस जमीन विवाद में जोतकारों का पक्ष ले रहा था और देवव्रत नाथ शाहदेव के रास्ते का रोड़ा बना हुआ था।

5 लाख रुपये और जमीन में हिस्सेदारी की थी डील

जमीन विवाद को सुलझाने के लिए कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन जब सारी कोशिशें विफल हो गईं, तो परेशान होकर देवव्रत नाथ शाहदेव ने अनिल टाइगर को रास्ते से हटाने का मन बना लिया। इसके लिए उसने अपने घर के पास ही रहने वाले आदतन अपराधी अभिषेक सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा से संपर्क किया और हत्या की पूरी साजिश रची।

सुपारी की रकम: अनिल टाइगर की हत्या के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी।

एडवांस और लालच: साजिश को अंजाम देने के लिए देवव्रत ने सूरज सिन्हा के बैंक खाते में कुछ रकम ऑनलाइन ट्रांसफर (Bank Transfer) भी की थी। इसके साथ ही सूरज को वारदात के लिए नए मोबाइल फोन और सिम कार्ड उपलब्ध कराए गए थे। सबसे बड़ा लालच यह था कि जमीन बिकने के बाद सूरज को उस कीमती भूखंड का एक बड़ा हिस्सा मिलना था।

रांची से कोलकाता तक बुना गया था साजिश का जाल

अनिल टाइगर को मारने की यह पूरी साजिश रांची और कोलकाता में बैठकर रची गई थी। योजना के मुताबिक, 26 मार्च 2025 को सूरज सिन्हा ने अपने दो शार्प शूटरों— अमन सिंह और रोहित वर्मा —को काम पर लगाया और अनिल टाइगर की गोली मारकर हत्या करवा दी।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सूरज सिन्हा के इस नेटवर्क में और कौन-कौन से सफेदपोश या जमीन माफिया शामिल हैं। साथ ही, उसके बैंक खातों और अवैध संपत्तियों को लेकर भी आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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