झारखंड राज्यसभा चुनाव: परिमल नाथवानी ने भरा नामांकन, भाजपा के साथ सभी दलों से समर्थन की उम्मीद
रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नाथवानी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। नामांकन के बाद नाथवानी ने अपनी जीत के प्रति विश्वास जताते हुए राज्य के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील की है।
“झारखंड मेरी कर्मभूमि है
नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए परिमल नाथवानी ने कहा, “झारखंड मेरी कर्मभूमि रही है। मैं यहां से दो बार सांसद रहा हूं और राज्य के विकास के लिए काफी काम किया है। अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। मैं किसी एक पार्टी के लेबल के साथ नहीं, बल्कि विकास के संकल्प के साथ मैदान में आया हूं।”
उन्होंने आगे कहा कि उनकी मुख्यमंत्री से भी इस संबंध में बात हुई है। नाथवानी ने उम्मीद जताई कि जिस तरह उन्हें पहले भी सभी दलों का समर्थन मिलता रहा है, इस बार भी उन्हें सदन के सभी सदस्यों का सहयोग मिलेगा।
राजनीतिक दलों का व्यापक समर्थन
परिमल नाथवानी की उम्मीदवारी को भाजपा का औपचारिक समर्थन हासिल है। इसके अलावा, राज्य के अन्य प्रमुख दलों—झामुमो, कांग्रेस और आजसू—के विधायकों की ओर से भी समर्थन के संकेत मिले हैं, जिससे उनकी स्थिति काफी मजबूत दिखाई दे रही है।
ये बने प्रस्तावक
नाथवानी के नामांकन पत्र पर राज्य के कई प्रमुख नेताओं ने प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किए हैं, जो उनकी सर्वदलीय स्वीकार्यता को दर्शाता है। उनके मुख्य प्रस्तावकों में शामिल हैं:
सरयू राय
तिवारी महतो
जनार्दन पासवान
उज्जवल दास
रौशन लाल चौधरी
शत्रुघ्न महतो
देवेंद्र कुंवर
मनोज कुमार यादव
प्रकाश राम
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा के आधिकारिक समर्थन और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं के व्यक्तिगत समर्थन के बाद नाथवानी का राज्यसभा का रास्ता लगभग साफ लेकिन धुंधला दिख रहा है। वैसे निर्दलीय उम्मीदवार होने के बावजूद विभिन्न विचारधाराओं वाले दलों का एक साथ आना झारखंड की राजनीति में उनके विशेष कद और बेहतर तालमेल को दर्शाता है।

















