राज्यसभा चुनाव : JMM का दावा उनके पास 56 नही बल्कि 61 विधायको का आंकड़ा है
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक रहस्यमयी पोस्ट शेयर कर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। पार्टी ने अपने पोस्ट में लिखा है— “56 नहीं 61”
क्या है JMM के इस दावे के मायने?
राज्यसभा चुनाव के समीकरणों के बीच JMM का यह दावा काफी अहम माना जा रहा है।
संख्या बल का संकेत: झारखंड विधानसभा में कुल 81 सीटें हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ’56’ का आंकड़ा संभवतः JMM के नेतृत्व वाले गठबंधन (इंडिया ब्लॉक) के मौजूदा संख्या बल को दर्शाता है। इसलिए उनका 61 लिखना राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन को बडी जीत दिला सकता है।
बढ़ते समर्थन का दावा: ’61’ का आंकड़ा साझा कर पार्टी ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि राज्यसभा चुनाव में उनके गठबंधन का संख्या बल उम्मीद से अधिक मजबूत हुआ है।
चुनाव का वर्तमान परिदृश्य
गठबंधन की रणनीति: राज्यसभा की दो सीटों के लिए JMM और कांग्रेस के बीच सहमति बनी है, जिसके तहत दोनों पार्टियां एक-एक उम्मीदवार मैदान में उतार रही हैं।
जीत का गणित: झारखंड में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है। JMM की 34 सीटों के साथ एक सीट पर जीत सुनिश्चित मानी जा रही है, जबकि दूसरी सीट के लिए कांग्रेस को गठबंधन के अन्य सहयोगियों (जैसे RJD और CPI-ML) और समर्थन की आवश्यकता है।
राजनीतिक घमासान: चुनाव के नजदीक आते ही NDA ने भी निर्दलीय उम्मीदवार को अपना समर्थन देकर दावेदारी पेश की है, जिससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है। और होटल पॉलिटिक्स शुरू हो गयी है।
JMM के इस “56 नहीं 61” वाले दावे को क्रॉस-वोटिंग के डर या गठबंधन की एकजुटता दिखाने के तौर पर देखा जा रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि 18 जून को होने वाले मतदान में यह संख्या बल कितना प्रभावी साबित होता है।
राज्यसभा चुनाव: रांची के रेडिसन ब्लू में NDA के विधायक शिफ्ट, जीत के लिए ‘फुल-प्रूफ प्लान’ पर मंथन
जमशेदपुर में दिनदहाड़े चेन स्नेचिंग: पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, एक घायल, दूसरा गिरफ्तार


















