झारखंड: राज्यसभा चुनाव से पहले रांची में RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला, राजनीति गरमाई

रांची : झारखंड में कल (18 जून) होने वाले राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान से ठीक पहले, राज्य की राजधानी रांची में हुई एक हिंसक घटना ने सियासी माहौल को पूरी तरह बदल दिया है। देर रात निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए कथित पेट्रोल बम हमले के बाद राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार तड़के अज्ञात तत्वों ने RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए SIT का गठन किया है।
BJP का आरोप: “यह एक बड़ी साजिश है”
भाजपा ने इस हमले को सीधे तौर पर एक ‘बड़ी साजिश’ का हिस्सा बताया है। केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि, “यह महज एक छिटपुट घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी साजिश की बू आ रही है। राज्य सरकार को इसकी उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए।” भाजपा नेताओं का मानना है कि चुनाव के समय माहौल खराब करने के लिए यह जानबूझकर किया गया हमला है।
कांग्रेस का पलटवार: “भाजपा की प्रोपगेंडा राजनीति”
दूसरी ओर, सत्ताधारी कांग्रेस और गठबंधन के नेताओं ने भाजपा के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। इसे भाजपा का “प्रोपगेंडा” करार देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “हम इस घटना की निंदा करते हैं और दोषियों पर कार्रवाई जरूर होगी, लेकिन यह भाजपा की पुरानी आदत है कि वे खुद घटनाएं करवाकर सहानुभूति बटोरते हैं।”
वहीं, कांग्रेस विधायक भूषण बारा ने भाजपा पर ‘भावनात्मक राजनीति’ करने का आरोप लगाया। विधायक राजेश कच्छप ने पुरानी घटनाओं का हवाला देते हुए भाजपा पर कटाक्ष किया और कहा कि जनता खुद समझदार है कि इस तरह की हरकतों से किसे फायदा होता है।
राज्यसभा चुनाव का मुकाबला बना दिलचस्प
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव में तीन प्रत्याशी मैदान में हैं—बैजनाथ राम (JMM), प्रणव झा (कांग्रेस), और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी।
एक तरफ विधानसभा में संख्या बल के कारण JMM की सीट सुरक्षित मानी जा रही है, तो दूसरी तरफ दूसरी सीट के लिए कांग्रेस और परिमल नाथवानी के बीच कांटे की टक्कर है। चुनाव की पूर्व संध्या पर हुए इस हमले ने अब इस चुनावी मुकाबले को और भी अधिक तनावपूर्ण और संवेदनशील बना दिया है।
















