कच्चे तेल की कीमत घटी, फिर भी तुरंत सस्ता नहीं होगा पेट्रोल-डीजल; केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने बताई वजह

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। ऐसे में आम लोगों को उम्मीद थी कि देश में पेट्रोल और डीजल के दाम भी जल्द कम होंगे। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से फिलहाल ऐसी कोई संभावना नहीं जताई गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटने का असर घरेलू ईंधन कीमतों पर तुरंत नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम तय करने में कई कारक भूमिका निभाते हैं, जिनमें कच्चे तेल की खरीद, परिवहन, रिफाइनिंग लागत और तेल कंपनियों की वित्तीय स्थिति शामिल है।
मंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सस्ता हुआ कच्चा तेल भारत तक पहुंचने और उसके प्रसंस्करण में समय लगता है। इसलिए कीमतों में गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचने में कुछ समय लग सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि हाल के महीनों में वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया के तनाव के कारण तेल विपणन कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में केवल कच्चे तेल की कीमत घटने भर से पेट्रोल-डीजल के दाम तुरंत कम करना संभव नहीं है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में अमेरिका-ईरान समझौते की खबरों के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी आई है और यह 80 डॉलर प्रति बैरल के नीचे भी पहुंचा है। इसके बावजूद 18 जून तक देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक नीचे बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
















