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जिला प्रशासन की उच्च स्तरीय टीम ने डीएसई कार्यालय का किया औचक निरीक्षण.

हजारीबाग, कुंदन लाल.

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हजारीबाग : हजारीबाग जिले के डीसी आदित्य कुमार आनन्द ने गुरुवार को जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधीक्षक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए। साथ ही 4 लिपिक भी वहाँ अनुपस्थित थे। इस पर डीसी श्री आनन्द ने नाराजगी जताते हुए अनुपस्थित कर्मियों के वेतन पर कटौती करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंनें बिना अधोहस्ताक्षरी के अनुमति के बिना अवकाश स्वीकृत नहीं करने का भी निर्देश दिया। वहाँ पर डीसी श्री आदित्य आनन्द, डीडीसी अभय कुमार सिन्हा, डीईओ लुदी कुमारी एवं सदर एसडीओ विद्या भूषण कुमार की संयुक्त टीम द्वारा जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय के कागजातों एवं रजिस्टर की जाँच की गई। जिसमें अधिकतर फाइलों एवं बही-खाता का संधारण पूर्ण नहीं पाया गया।

इस पर जाँच दल के द्वारा सभी प्रकार के बही/रोकड पंजी़ में अद्यतन प्रविष्टि नहीं पाई गई,जिसपर डीसी श्री आनन्द ने नाराजगी जताते हुए गड़बड़ी की आशंका के मद्देनजर कर्मियों को फटकर लगाते हुए लापरवाही का मामला बताते हुए सम्बन्धित अधिकारी सहित कर्मचारियों पर जिम्मेवारी तय करने का निर्देश दिया। वहाँ पर हजारीबाग के सदर एसडीओ विद्या भूषण कुमार ने कहा कि कार्यालय में आकस्मिक अवकाश पंजी, बजट कंट्रोल पंजी उपलब्ध नहीं है। वहीं कार्यालय से प्रतिनियोजित शिक्षकों की संख्या एवं कितने शिक्षक निलम्बित हैं एवं कितने शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई हुई है इस सम्बन्ध में डीसी श्री आनन्द को पर्याप्त एवं संतोषजनक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।

जाँच के दौरान पाया गया,कि एमडीएम का ऑडिट रिपोर्ट,आरटीआई से सम्बन्धित सूचना संधारण की संचिका सहित वित्तीय वर्ष 2020-21 में एक भी कैशबुक संधारण नहीं पाए गए। डीसी श्री आनन्द ने कहा,कि नए डीएसई के योगदान के बाद मॉनिटरिंग मैनेजमेंट एंड इवोल्यूशन एवं कैश बुक का रजिस्टर लिखा ही नहीं गया है। साथ ही एमडीएम की आवंटित राशि का कैश बुक में नहीं लिखा जाना वित्तीय अनियमितता का परिचायक है। इस पर डीसी श्री आनन्द ने विद्यालयों में बँटने वाले पूरक पोषाहार योजना के तहत अण्डा, फल आदि वितरण का पासबुक एवं पंजी अपूर्ण रहने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंनें अल्पसंख्यक विद्यालय का कैश बुक देखकर विद्यालयों के सचिव को की गई भुगतान के एवज में उपयोगिता प्रमाण पत्र भी मांगी। इस पर डीसी श्री आनन्द ने यह पाया कि उच्च स्तरीय/निदेशालय/राज्य स्तर से आने वाले महत्वपूर्ण पत्रों पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।

साथ ही फाइलों के जाँच के उपरांत चार मामले पेंशन के लम्बित पाए गए। उन्होंनें कार्यालय चेंबर की स्थिति को देखकर कहा,कि ऐसा प्रतीत होता है,कि कार्यालय के अधिकारी भी खानापूर्ति के लिए ही आते हैं। सारी कार्रवाई के मद्देनजर डीसी श्री आनन्द ने जिला शिक्षा अधीक्षक के द्वारा अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने एवं ऑफिस कार्यों के प्रति रुचि नहीं लेने पर उनसे स्पष्टीकरण की बात कही। साथ ही उन्होंनें कहा,कि स्पष्टीकरण का जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर प्रपत्र-क गठन की भी कार्रवाई की जा सकती है। अंत में डीसी श्री आनन्द ने पूरे कार्यालय की कार्य संस्कृति में सुधार लाने का अल्टीमेटम देते हुए भविष्य में पुनरावृति होने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी।

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