दुबई कनेक्शन का खुलासा: RSS कार्यालय पर हमले की साजिश, डिलीट व्हाट्सएप चैट में छिपे हैं बड़े राज
रांची: निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब एक नए और चुनौतीपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। जांच एजेंसियों को इस हमले के पीछे ‘दुबई कनेक्शन’ के ठोस सबूत मिले हैं। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि हमले को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने अपने विदेशी आकाओं के साथ हुई व्हाट्सएप चैट को डिलीट कर दिया था। अब फॉरेंसिक टीम उन डिजिटल साक्ष्यों को रिकवर करने में जुटी है, जो इस केस में बड़े खुलासे कर सकते हैं।
विदेश में रची गई थी हमले की पटकथा
गिरफ्तार आरोपियों— सैफ अंसारी, अमन अंसारी और सायम सुजान से हुई गहन पूछताछ के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि सैफ अंसारी पहले अबू धाबी और शारजाह होता हुआ दुबई पहुंचा था। वहीं उसकी मुलाकात राणा हुसैन उर्फ राणा जी और पाकिस्तान से जुड़े शाहबाज आलम उर्फ भट्टी से हुई थी। माना जा रहा है कि यही वह नेटवर्क है जिसने स्थानीय मॉड्यूल को पेट्रोल बम हमले का टास्क दिया था।
वीडियो लिंक के जरिए मिला ‘टारगेट’
सूत्रों के अनुसार, सैफ को हमले के लक्ष्य (Target) की सीधी जानकारी नहीं दी गई थी। उसे एक वीडियो लिंक भेजा गया था। उसे निर्देशित किया गया था कि वह वीडियो में दिखाए गए स्थान की पहचान करे और वहीं पेट्रोल बम हमला करे। भारत लौटने के बाद भी आरोपी लगातार राणा और भट्टी के संपर्क में थे।
“बॉस नाराज हैं क्या?” – चैट का अजीब पैटर्न
जांच में एक संदिग्ध बातचीत का पैटर्न सामने आया है। आरोपी अक्सर अपने आकाओं से पूछते थे, क्या बॉस नाराज हैं?”, जिस पर उन्हें जवाब मिलता था— “नहीं, टारगेट पूरा करो।” यह चैट इस बात का प्रमाण है कि आरोपी पूरी तरह से विदेश से संचालित हो रहे थे।
अब ATS संभालेगी कमान
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस पूरे केस को आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS)को सौंपा गया है। ATS अब विदेशी संपर्कों, डिजिटल फॉरेंसिक और इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए गहन पड़ताल करेगी।
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