जमशेदपुर: 10 साल बाद भी बूंद-बूंद को तरसे रामनगर के लोग, अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान

नीरज तिवारी
जमशेदपुर: बागबेड़ा के निकट स्थित रामनगर लकड़िया बागानबस्ती के सैकड़ों परिवारों का धैर्य अब जवाब दे गया है। पिछले 10 वर्षों से सरकारी जलापूर्ति का इंतजार कर रहे ग्रामीणों ने अब प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
450 रुपये लेकर भी नहीं मिला कनेक्शन
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2016 में पंचायत के तत्कालीन मुखिया ने बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के नाम पर प्रत्येक घर से 450 रुपये की वसूली की थी। ग्रामीणों को कनेक्शन की रसीद भी थमाई गई, लेकिन एक दशक बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। न तो इलाके में पाइपलाइन बिछाई गई और न ही किसी घर में पानी की बूंद पहुंची।
पानी खरीदने को मजबूर ग्रामीण, गहराया संकट
क्षेत्र में जल संकट इतना विकराल हो गया है कि अब लोगों के निजी और सरकारी बोरिंग पूरी तरह सूख चुके हैं। भीषण गर्मी और पानी की किल्लत के बीच गरीब परिवार 30 से 40 रुपये प्रति बोतल पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मजदूरी कर परिवार चलाने वाले लोगों के लिए पानी पर इतना खर्च करना एक बड़ी आर्थिक मार है।
प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम
लगातार उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है। ग्रामीणों का कहना है:
मांग: रामनगर बस्ती के निचले हिस्से में अविलंब पाइपलाइन बिछाई जाए और हर घर तक पानी का कनेक्शन सुनिश्चित हो।
अल्टीमेटम: प्रशासन को 15 दिनों का समय दिया गया है।
आंदोलन: यदि तय समय सीमा के भीतर पानी की व्यवस्था नहीं हुई, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि इस मामले में जो भी जान-माल का नुकसान होगा या अशांति फैलेगी, उसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और संबंधित सरकारी विभाग की होगी।
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