जमशेदपुर: बागबेड़ा जलापूर्ति योजना के लिए ग्रामीणों का हुंकार, 11 वर्षों से लंबित परियोजना पर प्रशासन को अल्टीमेटम
नीरज तिवारी /जमशेदपुर
जमशेदपुर: बागबेड़ा क्षेत्र में पिछले 11 वर्षों से लंबित ग्रामीण जलापूर्ति योजना को अविलंब चालू करने की मांग को लेकर रविवार को स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। ग्रामीण विकास संघर्ष समिति के बैनर तले टाटानगर रेलवे स्टेशन के समीप एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
वर्षों से केवल आश्वासन, प्यास से बेहाल ग्रामीण
पूर्व जिला पार्षद एवं समिति के संचालक किशोर यादव के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में वक्ताओं ने प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया। किशोर यादव ने कहा, “प्रशासन ने 14 जून से जलापूर्ति शुरू करने का वादा किया था, लेकिन यह समय सीमा भी बीत गई। बागबेड़ा, हरहरगुट्टू और आसपास के क्षेत्रों के लोग आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज हैं।”
गर्मी के मौसम में स्थिति और भी विकट हो जाती है। लोगों को चापाकलों, टैंकरों या दूर-दराज के जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम
धरना स्थल से समिति ने सरकार और जिला प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। किशोर यादव ने स्पष्ट किया कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर जलापूर्ति योजना चालू नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके बाद उपायुक्त कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
समिति की प्रमुख मांगें:
अविलंब जलापूर्ति: तकनीकी या प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर तत्काल पानी की सप्लाई शुरू की जाए।
पारदर्शिता: संबंधित विभाग जलापूर्ति के वर्तमान स्टेटस और इसके चालू होने की वास्तविक समय-सीमा सार्वजनिक करे।
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