धनबाद में रिश्तों का कत्ल: एक ही रात में दो परिवार उजड़े, कहीं पत्नी-बेटे पर हत्या का आरोप तो कहीं शराब के नशे में बेटे ने पिता को मार डाला

धनबाद : झारखंड के धनबाद में एक ही रात हुई दो अलग-अलग घटनाओं ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। दोनों मामलों में परिवार के ही सदस्यों पर अपने घर के मुखिया की हत्या करने का आरोप है। एक घटना में पैसों के विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जबकि दूसरी घटना में शराब के नशे ने पिता-पुत्र के रिश्ते को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
मुनीडीह में पत्नी और नाबालिग बेटे पर पति की हत्या का आरोप
मुनीडीह ओपी क्षेत्र के गोपीनाथडीह बस्ती में 31 वर्षीय बिसु बाउरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि उसकी पत्नी पूनम देवी और नाबालिग बेटे ने ईंट, पत्थर, बेलन और लोहे की रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर दी।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल से पुलिस ने रॉड, बेलन, डंडा और ईंट बरामद किए हैं।
मुनीडीह ओपी प्रभारी मानिता कुमारी ने बताया कि परिजनों के आरोप के आधार पर पत्नी और नाबालिग पुत्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में पैसों के विवाद की बात सामने आई है, हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
टुंडी में शराब के नशे में बेटे ने पिता की कुल्हाड़ी से हत्या की
दूसरी घटना टुंडी थाना क्षेत्र के बादलपुर गांव की है, जहां 65 वर्षीय चांद सोरेन की कथित तौर पर उनके बेटे कालीपद सोरेन (40) ने कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार, घटना के समय आरोपी शराब के नशे में था और किसी बात को लेकर पिता से उसका विवाद हो गया। गुस्से में उसने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे चांद सोरेन की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।
दोनों मामलों की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस का कहना है कि दोनों घटनाओं में वैज्ञानिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुनीडीह मामले में नाबालिग के शामिल होने के कारण किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
घरेलू हिंसा, नशा और आर्थिक तनाव पर उठे सवाल
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने समाज में बढ़ती घरेलू हिंसा, नशे की लत और आर्थिक तनाव को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पारिवारिक विवादों को समय रहते सुलझाने, मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने और नशा मुक्ति अभियानों को प्रभावी बनाने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
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फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी, लेकिन एक ही रात में हुई इन दो घटनाओं ने धनबाद में रिश्तों के टूटते विश्वास और सामाजिक चुनौतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
















