जमशेदपुर: गोविंदपुर जलापूर्ति योजना ठप, 22 हजार परिवार बूंद-बूंद पानी को मोहताज; ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
नीरज तिवारी
जमशेदपुर: जमशेदपुर के गोविंदपुर जलापूर्ति योजना क्षेत्र में भीषण पेयजल संकट पैदा हो गया है। पिछले 48 घंटों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप होने के कारण क्षेत्र की 21 पंचायतों के करीब 22 हजार परिवार पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। तपती गर्मी में पानी के लिए मचे हाहाकार के बीच ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया है और अब वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
बिजली और तकनीकी खराबी का बहाना, जनता परेशान
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जलापूर्ति बाधित होने का मुख्य कारण बिजली आपूर्ति में कटौती और तकनीकी खराबी बताई जा रही है। लगातार दो दिनों से पानी नहीं मिलने के कारण घरों में पीने का पानी तक समाप्त हो गया है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा दयनीय हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन हर बार तकनीकी समस्याओं का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है, जबकि करोड़ों की लागत से बनी यह योजना धरातल पर पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
सड़कों पर उतरे ग्रामीण, खाली बर्तन लेकर किया प्रदर्शन
प्रशासन की उदासीनता से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीण हांडी-डेगची लेकर सड़कों पर उतर आए और जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने ट्विटर के माध्यम से मुख्यमंत्री तक भी अपनी गुहार लगाई है, लेकिन अब तक जलापूर्ति बहाल करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
प्रशासन को दी चेतावनी
विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जब तक तकनीकी समस्या ठीक नहीं होती, तब तक टैंकरों के माध्यम से वैकल्पिक पेयजल की व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
युद्धस्तर पर मरम्मत: जलापूर्ति प्लांट की तकनीकी खामियों को तत्काल दूर किया जाए।
वैकल्पिक व्यवस्था: प्रभावित पंचायतों में तत्काल पानी के टैंकर भेजे जाएं।
स्थायी समाधान:भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए बिजली और पंपिंग सिस्टम का बैकअप पुख्ता किया जाए।
इसे भी पढ़े : पूर्वी सिंहभूम में भीषण गर्मी का कहर: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में बने ‘हीट स्ट्रोक केयर सेंटर’

















