पूर्वी सिंहभूम में भीषण गर्मी का कहर: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में बने ‘हीट स्ट्रोक केयर सेंटर’
नीरज तिवारी
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में लगातार बढ़ते तापमान और लू (Heat Wave) के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। भीषण गर्मी के बीच आम लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाने और आपात स्थिति से निपटने के लिए जिले के सरकारी अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए गए हैं।
हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए विशेष वार्ड
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जमशेदपुर सदर अस्पताल और बहरागोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेष ‘हीट स्ट्रोक केयर सेंटर’ स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों में दो-दो बेड आरक्षित किए गए हैं, जहाँ हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए जरूरी दवाएं, मेडिकल उपकरण और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
ओआरएस कॉर्नर और पेयजल की व्यवस्था
गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में ‘ओआरएस कॉर्नर’ (ORS Corner) बनाए गए हैं। यहाँ मरीजों और आम लोगों को निःशुल्क ओआरएस उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। इसके अलावा, अस्पतालों में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए शुद्ध पेयजल की भी पुख्ता व्यवस्था की गई है।
सिविल सर्जन की आम लोगों से अपील
जिले के सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा:
दोपहर के समय (12 बजे से 4 बजे के बीच) अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें।
समय-समय पर पानी पीते रहें, खुद को हाइड्रेटेड रखें।
हल्के और सूती कपड़े पहनें।
किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या (चक्कर आना, उल्टी या अत्यधिक थकान) महसूस होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर चिकित्सकीय सलाह लें।
स्वास्थ्य विभाग की यह पहल आम लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत दिलाने और संभावित खतरों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जमशेदपुर सदर अस्पताल और बहरागोड़ा CHC में हीट स्ट्रोक मरीजों के लिए विशेष वार्ड बने। सिविल सर्जन ने लोगों को लू से बचने की सलाह दी। पढ़ें पूरी खबर।

















