जगन्नाथपुर रथ मेले की टेंडर प्रक्रिया हो पारदर्शी, प्रशासन संभाले पूरी व्यवस्था: कैलाश यादव

रांची: झारखंड प्रदेश राजद के प्रवक्ता कैलाश यादव ने आगामी जगन्नाथपुर रथ यात्रा एवं रथ मेले के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले इस मेले का आयोजन पूरी पारदर्शिता और प्रशासनिक नियंत्रण में होना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कैलाश यादव ने कहा कि धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर रथ यात्रा और मेला प्राचीन काल से चली आ रही ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में मेले की टेंडर प्रक्रिया को लेकर निष्पक्षता पर सवाल उठे थे तथा दुकानदारों और आम लोगों से अवैध वसूली एवं अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इससे प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगे थे।
उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि इस वर्ष मेले के आयोजन की पूरी व्यवस्था को अपने प्रत्यक्ष नियंत्रण में रखे और सुरक्षा से लेकर संचालन तक सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए। यादव ने कहा कि मेले के दौरान होने वाली धार्मिक परंपराओं और पूजा-अर्चना की प्रक्रिया प्राचीन संस्कृति के अनुरूप बड़कागढ़ स्टेट के वर्तमान उत्तराधिकारियों द्वारा संपन्न कराई जाती है, जिसका सम्मान बनाए रखा जाना चाहिए।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि न्यास समिति या मनोनीत सदस्यों की भूमिका सीमित होनी चाहिए, जबकि सुरक्षा एवं मेला प्रबंधन की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन के हाथों में रहनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक और धार्मिक संगठनों को दुकानदारों के कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप करने के बजाय सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने में सहयोगी भूमिका निभानी चाहिए।
कैलाश यादव ने टेंडर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग करते हुए कहा कि प्रशासन को दलालों और पिछले दरवाजे से लाभ लेने की कोशिश करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि जगन्नाथपुर रथ मेला शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक वातावरण में संपन्न हो सके।
















