शंभू कुमार सिंह सिमडेगा: जिले के शिक्षा हब के रूप में पहचान रखने वाले समटोली रोड की जर्जर हालत को लेकर सोमवार को क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। आदिवासी नेता दिलीप तिर्की की पहल पर आयोजित बैठक में दर्जनों स्कूलों के प्राचार्यों और प्रतिनिधियों ने सड़क की खराब स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। बैठक में बताया गया कि समटोली रोड से प्रतिदिन करीब 20 हजार स्कूली बच्चे और हजारों स्थानीय लोग आवागमन करते हैं। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बरसात के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी खतरनाक हो गई है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। वक्ताओं ने कहा कि पिछले कई वर्षों से सड़क निर्माण के लिए प्रशासन को कई बार आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। सेंट मेरिज स्कूल के प्राचार्य फादर शैलेश ने कहा कि सभी शिक्षण संस्थान संयुक्त रूप से प्रशासन को अंतिम बार ज्ञापन सौंप रहे हैं। यदि इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। फादर फ्रेडरिक ने कहा कि सड़क की बदहाली बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। खराब सड़क के कारण विद्यार्थियों को समय पर स्कूल पहुंचने में भी परेशानी होती है, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। आदिवासी नेता दिलीप तिर्की ने कहा कि पिछले चार वर्षों से लगातार सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन ने अब तक गंभीर पहल नहीं की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्र की जनता, अभिभावक और सभी शिक्षण संस्थान संयुक्त रूप से धरना-प्रदर्शन करेंगे। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर समटोली रोड का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि जिले की अन्य सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है, लेकिन शिक्षा हब माने जाने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। बैठक एवं उपायुक्त से मुलाकात के दौरान फादर फ्रेडरिक, फादर नीलम, फादर प्रदीप, फादर राकेश, फादर फ्लोरेंस, सिस्टर जोसफिन, सिस्टर फ्लूरिदा, सिस्टर जगरानी, इस्माईल केरकेट्टा सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

समटोली रोड की बदहाली पर शिक्षण संस्थानों का फूटा गुस्सा, एक सप्ताह में काम शुरू नहीं हुआ तो होगा आंदोलन

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Educational institutions outraged over the dilapidated state of Samtoli Road; agitation threatened if work does not begin within a week.
Educational institutions outraged over the dilapidated state of Samtoli Road; agitation threatened if work does not begin within a week.

शंभू कुमार सिंह 

सिमडेगा: जिले के शिक्षा हब के रूप में पहचान रखने वाले समटोली रोड की जर्जर हालत को लेकर सोमवार को क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। आदिवासी नेता दिलीप तिर्की की पहल पर आयोजित बैठक में दर्जनों स्कूलों के प्राचार्यों और प्रतिनिधियों ने सड़क की खराब स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की।

बैठक में बताया गया कि समटोली रोड से प्रतिदिन करीब 20 हजार स्कूली बच्चे और हजारों स्थानीय लोग आवागमन करते हैं। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बरसात के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी खतरनाक हो गई है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

वक्ताओं ने कहा कि पिछले कई वर्षों से सड़क निर्माण के लिए प्रशासन को कई बार आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। सेंट मेरिज स्कूल के प्राचार्य फादर शैलेश ने कहा कि सभी शिक्षण संस्थान संयुक्त रूप से प्रशासन को अंतिम बार ज्ञापन सौंप रहे हैं। यदि इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।

फादर फ्रेडरिक ने कहा कि सड़क की बदहाली बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। खराब सड़क के कारण विद्यार्थियों को समय पर स्कूल पहुंचने में भी परेशानी होती है, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं।

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आदिवासी नेता दिलीप तिर्की ने कहा कि पिछले चार वर्षों से लगातार सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन ने अब तक गंभीर पहल नहीं की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्र की जनता, अभिभावक और सभी शिक्षण संस्थान संयुक्त रूप से धरना-प्रदर्शन करेंगे।

बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर समटोली रोड का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि जिले की अन्य सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है, लेकिन शिक्षा हब माने जाने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।

बैठक एवं उपायुक्त से मुलाकात के दौरान फादर फ्रेडरिक, फादर नीलम, फादर प्रदीप, फादर राकेश, फादर फ्लोरेंस, सिस्टर जोसफिन, सिस्टर फ्लूरिदा, सिस्टर जगरानी, इस्माईल केरकेट्टा सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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