हाइवा हादसों के विरोध में मनोज चंद्रा का आमरण अनशन शुरू, 11 लाख मुआवजा और कोल वाहनों पर रोक की मांग

चतरा : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सिमरिया विधानसभा प्रभारी एवं केंद्रीय समिति सदस्य मनोज चंद्रा ने शनिवार सुबह 10 बजे से देल्हो-बिराजपुर घटना स्थल पर दो सूत्री मांगों को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार हो रहे हाइवा हादसों को देखते हुए अब निर्णायक कार्रवाई की जरूरत है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मनोज चंद्रा की पहली मांग है कि चट्टी बारियातू से हजारीबाग होते हुए सिमरिया-देल्हो मार्ग पर कोयला ढोने वाले हाइवा वाहनों का परिचालन हमेशा के लिए बंद किया जाए। दूसरी मांग यह है कि हाइवा दुर्घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को 11 लाख रुपये का मुआवजा सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक हाइवा की चपेट में आने से हजारों लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रशासन और कोल कंपनियों ने पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने के बजाय केवल औपचारिकताएं पूरी की हैं।

मनोज चंद्रा ने हाल ही में हाइवा की चपेट में आकर एक जवान की हुई मौत का उल्लेख करते हुए कहा कि इस घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि अब ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है।
इसके अलावा उन्होंने मांग की कि कोल कंपनियां प्रभावित गांवों में विकास कार्य भी सुनिश्चित करें। मनोज चंद्रा ने क्षेत्र के सभी प्रभावित गांवों के लोगों से आमरण अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को मजबूत बनाने की अपील की है।
















