DMFT फंड में अनियमितता का आरोप, आदिवासी युवकों से मारपीट मामले में कार्रवाई की मांग; चाईबासा में बोले बाबूलाल मरांडी

चाईबासा: झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अपने दो दिवसीय पश्चिमी सिंहभूम प्रवास के अंतिम दिन चाईबासा स्थित भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड के उपयोग पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए बनाए गए इस फंड का उपयोग अपेक्षित पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ नहीं किया जा रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मरांडी ने कहा कि DMFT फंड का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर किया जाना चाहिए, ताकि खनन प्रभावित लोगों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। उन्होंने मांग की कि DMFT फंड से हुए खर्च की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि राशि का उपयोग केवल प्रभावित क्षेत्रों और लोगों के हित में ही हो।

प्रेस वार्ता के बाद बाबूलाल मरांडी ने चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचकर माँझगांव विधानसभा क्षेत्र के पाण्डुकी गांव में घायल हुए आदिवासी युवकों से मुलाकात की। जानकारी के अनुसार, गांव के चार आदिवासी युवकों के साथ कथित रूप से कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा मारपीट की गई, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव के आदिवासी समाज के पूजा स्थल ‘देशावली’ के पास कुछ युवक शराब, गांजा और सिगरेट का सेवन करने के साथ गंदगी फैलाते थे। इसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और मारपीट की घटना हुई।
मरांडी ने अस्पताल में घायलों का हालचाल जानने के बाद चाईबासा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से फोन पर बातचीत की और घटना में शामिल आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
















