Lohardaga: Allegations of gross irregularities at St. Lawrence Public School.

लोहरदगा: संत लॉरेंस पब्लिक स्कूल में भारी अनियमितताओं का आरोप, अभिभावकों ने DC से की कार्रवाई की मांग

Lohardaga: Allegations of gross irregularities at St. Lawrence Public School.

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आनंद कुमार सोनी / लोहरदगा

लोहरदगा: भंडरा थाना क्षेत्र के झीको स्थित ‘संत लॉरेंस पब्लिक स्कूल’ विवादों में घिर गया है। स्कूल प्रबंधन द्वारा बरती जा रही गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही को लेकर अभिभावकों ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को स्कूल में आयोजित एक बैठक के दौरान हंगामा होने के बाद अभिभावकों ने उपायुक्त को आवेदन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की है

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क्या है पूरा मामला?

संत लॉरेंस पब्लिक स्कूल में मंगलवार को शिक्षकों और अभिभावकों की एक बैठक बुलाई गई थी। बैठक के दौरान प्रबंधन की पोल उस समय खुल गई जब अभिभावकों ने स्कूल की लचर व्यवस्था पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल के सचिव अजय शंकर कुमार ने एक सोची-समझी साजिश के तहत लोकप्रिय प्रधानाचार्य उदय कुमार को पद से हटा दिया है। अभिभावकों ने स्पष्ट कहा कि वे उदय कुमार के कार्य और उनके प्रति भरोसे के कारण ही अपने बच्चों को वहां पढ़ा रहे थे।

अभिभावकों ने उठाए ये गंभीर सवाल:

अभिभावकों ने उपायुक्त को दिए गए हस्ताक्षरित आवेदन में निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच की मांग की है:

मान्यता पर सवाल: स्कूल का संचालन बिना उचित मान्यता के किए जाने का संदेह।

बुनियादी सुविधाओं का अभाव: परिसर में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, कंप्यूटर और लाइब्रेरी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी।

सुरक्षा और स्वास्थ्य: छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक नहीं है और उन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।

सरकारी नियमों की अनदेखी: शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम के प्रावधानों और बीपीएल श्रेणी के बच्चों के लिए निर्धारित सरकारी योजनाओं का पालन नहीं हो रहा है।

शिक्षकों का शोषण: विद्यालय के कई शिक्षकों ने भी प्रबंधन पर वेतन नहीं देने और शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है।

बच्चों के भविष्य से समझौता नहीं”

आवेदन देने वाले अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन शिक्षा के व्यावसायिकरण में लगा है और छात्रों के भविष्य व सुरक्षा को ताक पर रख दिया गया है। अभिभावकों ने मांग की है कि प्रशासन अविलंब इस विद्यालय की मान्यता, छात्रावास संचालन और वित्तीय गतिविधियों की जांच करे। यदि जांच में विद्यालय दोषी पाया जाता है, तो कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

फिलहाल, इस मामले के सामने आने के बाद इलाके के अन्य निजी विद्यालयों में भी हड़कंप मचा है। जिला प्रशासन द्वारा जांच के आदेश देने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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