Major negligence by JSSC

JSSC की बड़ी लापरवाही: परीक्षा शुरू होने के बाद भेजा एडमिट कार्ड, जमशेदपुर में मजदूरी कर रहे चक्रधरपुर के छात्र का सरकारी नौकरी का सपना टूटा

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फील्ड वर्कर भर्ती परीक्षा 2024 का मामला: दोपहर 2:59 बजे मिला ईमेल, लातेहार था सेंटर; 240 किमी की दूरी तय करना था असंभव।

Major negligence by JSSC

कई अन्य छात्रों को भी परीक्षा के दूसरे दिन मिले एडमिट कार्ड, आयोग की कार्यप्रणाली पर भड़के बेरोजगार; परीक्षा रद्द कर नए सिरे से कराने की मांग।

नीरज तिवारी /जमशेदपुर

जमशेदपुर/रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की लचर कार्यप्रणाली और व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। आयोग की भारी लापरवाही के कारण एक बेरोजगार युवक का सरकारी नौकरी पाने का वर्षों पुराना सपना सिर्फ इसलिए चकनाचूर हो गया, क्योंकि आयोग ने उसे परीक्षा शुरू होने के बाद एडमिट कार्ड भेजा। इस अमानवीय और गैर-जिम्मेदाराना रवैये से छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

क्या है पूरा मामला?

पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत रामदा गांव के रहने वाले राजेश लोहार ने वर्ष 2024 में JSSC की फील्ड वर्कर भर्ती के लिए आवेदन किया था। इस परीक्षा के लिए उन्होंने दिन-रात कड़ी मेहनत की थी। वर्तमान में अपने परिवार का गुजारा चलाने के लिए राजेश जमशेदपुर में मजदूरी कर रहे हैं।

Major negligence by JSSC

रविवार को जब उनके ई-मेल पर JSSC की तरफ से मैसेज आया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आयोग द्वारा भेजे गए ई-मेल का समय दोपहर 2:59 बजे था। उस वक्त तक परीक्षा की पहली और दूसरी पाली पूरी तरह समाप्त हो चुकी थी, और तीसरी पाली शुरू होने में महज कुछ ही मिनट बचे थे।

दूरी और समय का असंभव समीकरण

निर्धारित परीक्षा केंद्र: लातेहार

अभ्यर्थी की वर्तमान स्थिति: जमशेदपुर (मजदूरी कार्य)

दोनों स्थानों के बीच की दूरी: लगभग 240 किलोमीटर

संकट: दोपहर तीन बजे के करीब 240 किमी की दूरी तय कर एग्जाम सेंटर पहुंचना किसी भी इंसान के लिए भौतिक रूप से असंभव था। नतीजा यह हुआ कि चाहकर भी राजेश परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।

कई अन्य छात्रों का भी यही हाल

रिपोर्ट्स और छात्रों के दावों के मुताबिक, यह अकेली घटना नहीं है। परीक्षा में शामिल होने वाले कई अन्य अभ्यर्थियों को भी उनके एडमिट कार्ड परीक्षा शुरू होने के बाद या फिर एग्जाम के ठीक दूसरे दिन प्राप्त हुए, जिससे वे परीक्षा से वंचित रह गए। छात्रों का कहना है कि यदि एडमिट कार्ड और परीक्षा की सूचना समय पर मिल जाती, तो वे हरसंभव प्रयास कर समय पर केंद्र पहुंच जाते।

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राजेश लोहार की सरकार से प्रमुख मांगें

इस बड़ी प्रशासनिक चूक के बाद पीड़ित छात्र राजेश लोहार ने झारखंड सरकार और JSSC प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि:

परीक्षा तत्काल रद्द हो: फील्ड वर्कर भर्ती परीक्षा में हुई इस भारी तकनीकी विफलता और धांधली को देखते हुए पूरी परीक्षा को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए।

नए सिरे से हो आयोजन: प्रभावित और योग्य छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा का आयोजन नए सिरे से पारदर्शी तरीके से किया जाए।

जवाबदेही तय हो: इतनी बड़ी चूक के लिए जिम्मेदार लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य बेरोजगार युवा के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो।

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