Siddheshwar Mahadev Temple and Kelaghat tourist spot in a state of neglect; dilapidated roads and lack of proper facilities compound the difficulties.

सिद्धेश्वर महादेव मंदिर और केलाघाट पर्यटन स्थल बदहाल, जर्जर सड़क व अव्यवस्थाओं से बढ़ी परेशानी

Siddheshwar Mahadev Temple and Kelaghat tourist spot in a state of neglect; dilapidated roads and lack of proper facilities compound the difficulties.
Siddheshwar Mahadev Temple and Kelaghat tourist spot in a state of neglect; dilapidated roads and lack of proper facilities compound the difficulties.

शंभू कुमार सिंह 

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सिमडेगा: जिले का प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल सिद्धेश्वर महादेव मंदिर और केलाघाट डैम प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार होता नजर आ रहा है। पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सरकार द्वारा समय-समय पर राशि स्वीकृत किए जाने के बावजूद यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विकास कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।

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स्थानीय लोगों के अनुसार, केलाघाट तक पहुंचने वाली करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। खराब सड़क के कारण बाइक सवारों को भी यह दूरी तय करने में 15 से 20 मिनट का समय लग जाता है। सड़क के दोनों ओर उगी पुटूस और अन्य झाड़ियां राहगीरों व पर्यटकों के लिए खतरा बन गई हैं।

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इसी मार्ग से विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं ने बताया कि केलाघाट मोड़ से पावर हाउस तक सड़क की हालत बेहद खराब है। हल्की बारिश में कई जगहों पर करीब एक फुट तक पानी जमा हो जाता है, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है और विद्यार्थियों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र नगर परिषद के अधीन होने के बावजूद विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। सड़क किनारे लंबे समय से बिजली के पोल पड़े हुए हैं, जिन्हें अब तक नहीं हटाया गया है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

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सिद्धेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी कल्याण मिश्रा ने बताया कि उन्होंने कई बार जिला प्रशासन, संबंधित विभागों और नगर परिषद से सड़क मरम्मत कराने तथा मंदिर के समीप संचालित मत्स्य पालन (फिश कल्चर) को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और पर्यटन स्थल की गरिमा प्रभावित हो रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

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वहीं, जिला खेल सह पर्यटन विकास पदाधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि सड़क की मरम्मत, झाड़ियों की सफाई और सौंदर्यीकरण के लिए उनके विभाग के पास कोई फंड उपलब्ध नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि जर्जर सड़क के संबंध में संबंधित विभाग को कोई पत्र भी नहीं भेजा गया है।

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पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस स्थल की बदहाल स्थिति से स्थानीय लोगों और पर्यटकों में नाराजगी है। लोगों ने प्रशासन से जल्द सड़क की मरम्मत, झाड़ियों की सफाई और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि सिद्धेश्वर महादेव मंदिर और केलाघाट डैम को जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।

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