Speaking on Independence Day, CM Hemant Soren said that development should be such that it involves the participation of nature, culture, and youth power.

स्वतंत्रता दिवस पर सीएम हेमंत सोरेन बोले- विकास ऐसा हो, जिसमें प्रकृति, संस्कृति और युवा शक्ति तीनों की भागीदारी हो

Speaking on Independence Day, CM Hemant Soren said that development should be such that it involves the participation of nature, culture, and youth power.
Speaking on Independence Day, CM Hemant Soren said that development should be such that it involves the participation of nature, culture, and youth power.

रांची: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंडवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्य के विकास को नई दिशा देने का संकल्प दोहराया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आजादी का नाम नहीं है, बल्कि इसका अर्थ है कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा, हर युवा को सम्मानजनक रोजगार, हर किसान को समृद्धि और हर महिला को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिले।

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मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों के साथ झारखंड के भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव, तिलका मांझी, फूलो-झानो, नीलांबर-पीतांबर, शेख भिखारी और अन्य अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि झारखंड की धरती ने स्वतंत्रता, स्वाभिमान और न्याय के लिए अनेक महान योद्धा दिए हैं।

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जल-जंगल-जमीन के साथ संतुलित विकास पर जोर

हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की पहचान केवल खनिज संपदा से नहीं, बल्कि आदिवासी चेतना, पारंपरिक ज्ञान, सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया आज जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के समाधान तलाश रही है, जबकि झारखंड की पारंपरिक जीवन-दृष्टि सदियों से प्रकृति के साथ संतुलित जीवन का संदेश देती रही है। मुख्यमंत्री ने ऐसे झारखंड के निर्माण का लक्ष्य सामने रखा, जहां युवा आधुनिक शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और उद्यमिता में आगे बढ़ें। राज्य की भाषाओं, साहित्य, लोककला, संगीत और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी उन्होंने जोर दिया।

लाह, तसर और लघु वनोपज से बढ़ेगी ग्रामीण आय

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाह, तसर, बांस, मिलेट, औषधीय पौधे और लघु वनोपज को केवल पारंपरिक आजीविका तक सीमित नहीं रखा जाएगा। वैल्यू एडिशन, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़कर इन्हें लाखों परिवारों की आय का आधार बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा, स्थानीय ज्ञान और आधुनिक तकनीक के समन्वय से विकास का नया मॉडल तैयार किया जाएगा। विकास का अर्थ केवल खनिजों का दोहन नहीं, बल्कि मानव संसाधन, प्राकृतिक संसाधन और सांस्कृतिक विरासत का संतुलित विकास है।

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भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं को दिया भरोसा

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था पर संदेह पैदा होने से केवल एक परीक्षा प्रभावित नहीं होती, बल्कि पूरी एक पीढ़ी का विश्वास प्रभावित होता है। उन्होंने झारखंड के विद्यार्थियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी मेहनत को किसी माफिया, भ्रष्ट तंत्र या अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कई राज्यों और राष्ट्रीय परीक्षाओं में भी प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा संबंधी गंभीर अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं, लेकिन दूसरे राज्यों में क्या हुआ, इससे झारखंड की जिम्मेदारी कम नहीं होती।

उन्होंने कहा कि झारखंड के युवा राज्य की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनकी शिक्षा, कौशल, आत्मविश्वास तथा सपने ही विकसित झारखंड की असली पूंजी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में झारखंड ऐसा मॉडल प्रस्तुत करेगा, जिसमें विकास और प्रकृति, आधुनिकता और परंपरा तथा उद्योग और पर्यावरण के बीच संतुलन कायम किया जा सके।

स्वतंत्रता दिवस पर सीएम हेमंत सोरेन बोले- विकास ऐसा हो, जिसमें प्रकृति, संस्कृति और युवा शक्ति तीनों की भागीदारी हो

स्वतंत्रता दिवस पर सीएम हेमंत सोरेन बोले- विकास ऐसा हो, जिसमें प्रकृति, संस्कृति और युवा शक्ति तीनों की भागीदारी हो

स्वतंत्रता दिवस पर सीएम हेमंत सोरेन बोले- विकास ऐसा हो, जिसमें प्रकृति, संस्कृति और युवा शक्ति तीनों की भागीदारी हो

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