तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोके गए देवेंद्र नाथ महतो, बोले- लिखित आदेश दिखाएं

रांची: छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच की ओर से आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल होने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें सदर अस्पताल से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी। तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए पुलिस ने उन्हें अस्पताल के कमरे में ही रोक दिया।

इस दौरान देवेंद्र नाथ महतो लगातार पुलिस से तिरंगा यात्रा में शामिल होने की बात कहते रहे। हालांकि पुलिसकर्मियों ने उन्हें कमरे से बाहर नहीं निकलने दिया। गौरतलब है कि जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन के दौरान आमरण अनशन पर बैठने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। फिलहाल उनका इलाज रांची सदर अस्पताल में चल रहा है।

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि पिछले 14 दिनों से उनकी तबीयत खराब है और लगातार बोलने के कारण सीने में दर्द भी हो रहा है। इसके बावजूद वह स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडा फहराने के लिए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम जाना चाहते हैं।

पुलिस प्रशासन द्वारा रोके जाने पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें संविधान की किस धारा के तहत बाहर जाने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा, “80 साल बाद पता चला कि नाम मात्र की आजादी मिली है।” उन्होंने प्रशासन से कहा कि यदि डॉक्टर की ओर से उन्हें अस्पताल से बाहर नहीं जाने का आदेश दिया गया है, तो उसका लिखित आदेश उन्हें दिखाया जाए।

देवेंद्र नाथ महतो ने चेतावनी दी कि यदि बिना किसी लिखित आदेश के उन्हें रोका गया, तो वह रोकने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सदर अस्पताल में पुलिस की मौजूदगी बनी रही।


















