खनन से लेकर JPSC-JSSC तक, बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरा; 132 करोड़ के बकाये का मांगा हिसाब

रांची: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर खनिज राजस्व, झारखंड की खनन व्यवस्था, JPSC-JSSC छात्र आंदोलन और राज्य सरकार के कथित 132 करोड़ रुपये के बकाये को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच खनिज राजस्व को लेकर भ्रम फैलाने के बजाय सरकार को तथ्यों के साथ जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मरांडी ने केंद्र से राज्यों को मिलने वाले खनिज राजस्व का आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार राज्यों की खनिज आय कम नहीं कर रही है, बल्कि राजस्व बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। प्रेस वार्ता में उन्होंने एक आंकड़े के तौर पर 1,45,490 करोड़ रुपये की राशि का भी उल्लेख किया।
झारखंड की खनन नीति पर सवाल
भाजपा नेता ने झारखंड में खदानों की नीलामी और उत्पादन शुरू होने की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने ओडिशा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पिछले छह वर्षों में 35 नई खदानें शुरू हुईं, जिससे राज्य को करीब 87 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिला। मरांडी का दावा है कि झारखंड में पिछले छह वर्षों के दौरान नीलाम की गई चार खदानों में अब तक उत्पादन शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अवैध खनन भी बड़े पैमाने पर जारी है। उनके अनुसार, अवैध रूप से निकाला जा रहा कोयला और लौह अयस्क विभिन्न फैक्ट्रियों तक पहुंच रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है।।उन्होंने राज्य सरकार से खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और अवैध खनन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।

छात्र आंदोलन को लेकर भी सरकार पर हमला
JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर भी बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि युवा लंबे समय से धरना और भूख हड़ताल कर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मरांडी ने आरोप लगाया कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय सरकार दूसरे मुद्दों को सामने लाकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने JSSC से जुड़े मामलों में लगाए जा रहे आरोपों पर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।।उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं के बीच जो सवाल और असंतोष है, उसका समाधान संवाद और पारदर्शी जांच के जरिए किया जाना चाहिए।

132 करोड़ के बकाये पर मांगा सार्वजनिक हिसाब
प्रेस वार्ता में मरांडी ने राज्य सरकार द्वारा बताए जा रहे 132 करोड़ रुपये के बकाये का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सरकार से इस राशि का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह बकाया किस वर्ष का है, किस मद से संबंधित है और राशि किस उद्देश्य के लिए निर्धारित की गई थी। मरांडी ने सुझाव दिया कि सरकार अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित कर पूरे मामले की जानकारी जनता के सामने रखे, ताकि बकाये को लेकर स्थिति साफ हो सके। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक मुद्दों को आगे कर रही है।















