छात्रों पर हमले को लेकर बाबूलाल मरांडी का सरकार पर हमला, सीबीआई जांच की मांग

गिरिडीह: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के विभिन्न जिलों में छात्रों के साथ हुई मारपीट की घटनाओं को लेकर हेमंत सोरेन सरकार और झामुमो पर तीखा हमला बोला है। गिरिडीह में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को लाठी-डंडों के बल पर दबाने की कोशिश लोकतंत्र पर हमला है। भाजपा इस तरह की गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं करेगी।
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बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि गिरिडीह के झंडा मैदान में छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। वहीं रांची, हजारीबाग और अन्य स्थानों पर भी छात्रों के साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि रांची में बच्ची तक को नहीं छोड़ा गया। रामगढ़ में झामुमो नेताओं द्वारा पुतला दहन करने वालों को पीटने की कथित धमकी का भी उन्होंने जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने, अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने, नारे लगाने और पुतला दहन करने का संवैधानिक अधिकार है। इस अधिकार को गुंडागर्दी के बल पर कुचलने की कोशिश भाजपा स्वीकार नहीं करेगी। जरूरत पड़ी तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।

मरांडी ने कहा कि 21 अगस्त को छात्रों के साथ हुई मारपीट अचानक नहीं हुई, बल्कि इसकी पटकथा पहले ही तैयार की जा चुकी थी। उन्होंने दावा किया कि छात्र करीब 25 दिनों से आंदोलन कर रहे थे। 10 अगस्त को विधानसभा मार्च के दौरान भी छात्रों के साथ कथित मारपीट हुई थी। इसके बाद छात्र दोबारा धरना स्थल पर लौट आए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी छात्रों ने आंदोलन को तेज करने के लिए कार्यक्रम घोषित किए, सरकार ने वार्ता के नाम पर केवल दिखावा किया। छात्रों द्वारा मुख्यमंत्री आवास घेराव की घोषणा के बाद सरकार ने पहले उन्हें धरना स्थल से हटाने की रणनीति बनाई।
मरांडी ने कहा कि सरकार ने कैबिनेट के जरिए परीक्षा रद्द करने समेत कई फैसले लिए, लेकिन भाजपा ने उसी समय आशंका जताई थी कि इसका परिणाम क्या होगा। उन्होंने छात्रों को ‘नादान और अबोध’ बताते हुए आरोप लगाया कि वे सरकार की कथित साजिश को समझ नहीं पाए। बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी खुद को शांतिपूर्ण आंदोलन का पक्षधर बताते हैं, लेकिन झारखंड में छात्रों के साथ हो रही कथित ज्यादती पर उनकी चुप्पी समझ से परे है। उन्होंने सवाल किया कि छात्रों पर हो रहे जुल्म की आवाज राहुल गांधी तक क्यों नहीं पहुंच रही है।

मरांडी ने कहा कि छात्रों के आंदोलन को लेकर सामने आई घटनाओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच को एकमात्र विकल्प बताया। उनका कहना था कि जांच से दोषी लोगों की पहचान होगी और निर्दोष लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने गिरिडीह के महेशमुंडा से जुड़े एक कथित WhatsApp ग्रुप के संदेश का भी हवाला दिया। उनके अनुसार, संदेश में शाम चार बजे पार्टी कार्यालय पहुंचने और संगठन के ‘इमरजेंसी कॉल’ का उल्लेख था। मरांडी ने इस मामले में संबंधित युवक की तत्काल गिरफ्तारी कर पूछताछ की मांग की।
उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि यदि छात्रों पर हमला करने की कोई योजना नहीं थी, तो पार्टी कार्यालय से कथित तौर पर ऐसा ‘इमरजेंसी मैसेज’ क्यों जारी किया गया। उन्होंने रामगढ़ के झामुमो नेता समेत विभिन्न स्थानों पर छात्रों के साथ मारपीट करने वाले लोगों की पहचान कर मुकदमा दर्ज करने और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।















