The women of Simdega are strengthening the bond of women's empowerment through silk threads.

रेशम के धागों से महिला सशक्तिकरण की डोर मजबूत कर रहीं सिमडेगा की दीदियां

The women of Simdega are strengthening the bond of women's empowerment through silk threads.
The women of Simdega are strengthening the bond of women’s empowerment through silk threads.

शंभू कुमार सिंह

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सिमडेगा: इस रक्षाबंधन सिमडेगा की ग्रामीण महिलाओं के हुनर और मेहनत की झलक भाइयों की कलाइयों पर नजर आएगी। उपायुक्त कंचन सिंह की पहल और निर्देश पर जेएसएलपीएस से जुड़ी पलाश महिला समूह की महिलाएं आकर्षक हस्तनिर्मित राखियां तैयार कर रही हैं। इनके जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के साथ अतिरिक्त आमदनी का अवसर भी मिल रहा है।

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रक्षाबंधन के मद्देनजर समाहरणालय के मुख्य गेट के समीप पलाश महिला समूह की ओर से राखी एवं मिठाई का स्टॉल लगाया गया है। उपायुक्त कंचन सिंह ने स्टॉल का निरीक्षण कर महिलाओं द्वारा तैयार की गई विभिन्न डिजाइनों की राखियों को देखा और उनकी सराहना की। उन्होंने महिलाओं का उत्साह बढ़ाते हुए और बेहतर व आकर्षक उत्पाद तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

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पलाश महिला समूह से जुड़कर महिलाएं घरेलू जिम्मेदारियों के साथ आर्थिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। राखियों के निर्माण और बिक्री से होने वाली आय उनके लिए अतिरिक्त आमदनी का साधन बन रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ महिलाओं में आत्मविश्वास और स्वावलंबन भी बढ़ रहा है।

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स्थानीय स्तर पर तैयार राखियों की बिक्री से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। इस रक्षाबंधन जब इन महिलाओं द्वारा तैयार राखियां भाइयों की कलाइयों पर सजेंगी, तो उनमें भाई-बहन के प्रेम के साथ नारी शक्ति, स्वाभिमान, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास की कहानी भी दिखाई देगी।

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