शहर के विकास को लेकर नप बोर्ड की बैठक में कई अहम फैसले

शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा: नगर परिषद बोर्ड की बैठक मंगलवार को नप अध्यक्ष ओलिवर लकड़ा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शहर की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनके समाधान का निर्णय लिया गया। बताया गया कि वर्तमान में विभाग की ओर से शहर की विकास योजनाओं के लिए कम राशि आवंटित की गई है। उपलब्ध राशि के आधार पर सभी वार्ड पार्षदों से योजनाएं लेकर निविदा प्रकाशित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में शहरी क्षेत्र के सभी वार्डों में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए विभाग से प्राप्त योजना की जानकारी दी गई। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पूर्व में चयनित लाभुकों से संबंधित वार्ड पार्षदों की अनुशंसा प्राप्त कर इकरारनामा कराने का निर्देश दिया गया, ताकि लाभुक समय पर आवास निर्माण का कार्य शुरू कर सकें।

कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद तिर्की ने बताया कि होल्डिंग टैक्स, वाटर टैक्स और ट्रेड लाइसेंस समेत अन्य शुल्क जमा करने का कार्य करने वाली एजेंसी के साथ विभाग का इकरारनामा समाप्त हो गया है। इसके कारण फिलहाल यह सेवा बाधित है। बैठक में नगर परिषद द्वारा तैयार प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों को बोर्ड द्वारा तय स्थलों पर स्थापित करने के बाद आवंटित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही शहरी क्षेत्र में खराब पड़े सभी स्ट्रीट लाइटों की अविलंब मरम्मत कराने पर सहमति बनी।

नगर परिषद के माध्यम से होने वाले सभी कार्यों के लिए समय-सीमा निर्धारित कर इसकी जानकारी नप कार्यालय के बोर्ड पर प्रकाशित करने का भी निर्णय लिया गया, ताकि आम लोगों को कार्यों की जानकारी मिल सके और उन्हें परेशानी न हो। बैठक में शहरी क्षेत्र में चल रहे सफाई कार्यों को लेकर भी सदस्यों ने असंतोष जताया। संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी करने का प्रस्ताव पारित किया गया। वार्ड सदस्यों ने शहर की समस्याओं के समाधान के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।

बोर्ड की बैठक में फुटपाथ दुकानदारों की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया गया। नप अध्यक्ष ओलिवर लकड़ा और उपाध्यक्ष दीपक रिंकू ने कहा कि अतिक्रमण के नाम पर फुटपाथ दुकानदारों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाना चाहिए। बैठक में फुटपाथ दुकानदारों को निर्धारित स्थान आवंटित कर उनसे राजस्व लेने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मार्केट कॉम्प्लेक्स को भी व्यवस्थित करने पर चर्चा हुई, ताकि दुकानदारों और आम लोगों दोनों को सुविधा मिल सके।
















