SIR पर भाजपा का निर्वाचन आयोग को ज्ञापन, बरहेट में BDO की राजनीतिक बैठक में मौजूदगी समेत कई शिकायतें उठाईं
रांची। झारखंड में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर भाजपा ने निर्वाचन विभाग के समक्ष कई गंभीर शिकायतें रखी हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष और SIR संयोजक राकेश प्रसाद के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड को ज्ञापन सौंपकर जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भाजपा ने साहिबगंज के बरहेट में 3 सितंबर को हुई झामुमो की बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी-सह-AERO अंशु कुमार पाण्डेय की कथित मौजूदगी को प्रमुख मुद्दा बनाया है। पार्टी का कहना है कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी की किसी राजनीतिक दल की बैठक में मौजूदगी से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और प्रशासनिक तटस्थता पर सवाल उठते हैं।
भाजपा ने बैठक से संबंधित तस्वीरें भी ज्ञापन के साथ सौंपने की बात कही है। पार्टी ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

उधवा की घटना का भी किया जिक्र
ज्ञापन में साहिबगंज के उधवा प्रखंड में पहले SIR प्रक्रिया के दौरान सरकारी कर्मचारियों की भूमिका को लेकर सामने आई शिकायत का भी उल्लेख किया गया है। भाजपा ने कहा है कि उस मामले में जांच और कार्रवाई हुई थी। ऐसे में बरहेट की घटना की भी गंभीरता से जांच कर प्रशासनिक अधिकारियों की राजनीतिक गतिविधियों में कथित भागीदारी पर रोक सुनिश्चित की जानी चाहिए।
रांची में Form-7 नहीं लेने का आरोप
भाजपा ने रांची विधानसभा क्षेत्र के कुछ बूथों पर BLO द्वारा Form-7 स्वीकार नहीं किए जाने की शिकायत भी की है। पार्टी के अनुसार, SIR के दौरान मतदाता सूची में मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नाम को लेकर आपत्ति दर्ज कराने में Form-7 महत्वपूर्ण है।
क्या है Form-7?
Form-7 मतदाता सूची में दर्ज किसी नाम को हटाने या उसके खिलाफ आपत्ति दर्ज कराने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला निर्धारित आवेदन है। इसका इस्तेमाल किसी मतदाता की मृत्यु होने, उसके स्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाने, डुप्लीकेट नाम दर्ज होने या मतदाता के अपात्र होने जैसी स्थिति में किया जा सकता है।
भाजपा का आरोप है कि कुछ बूथों पर BLA-2 और नागरिकों से Form-7 स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। पार्टी ने संबंधित BLO को Form-7 प्राप्त करने के स्पष्ट निर्देश देने के साथ पहले स्वीकार नहीं किए गए फॉर्म भी नियमानुसार लेने की मांग की है।
ऑफलाइन प्रमाण-पत्र जारी करने के आदेश पर भी आपत्ति
SIR प्रक्रिया के दौरान जाति, आय, स्थानीय निवासी और EWS प्रमाण-पत्र ऑफलाइन जारी करने के राज्य सरकार के आदेश पर भी भाजपा ने सवाल उठाया है। पार्टी का कहना है कि इन प्रमाण-पत्रों का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम जोड़ने के दावों के समर्थन में किया जा सकता है।
भाजपा ने ऐसे दस्तावेजों के आधार पर किए जाने वाले दावों का उचित सत्यापन सुनिश्चित करने और SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
मतदाताओं की संख्या में असामान्य बढ़ोतरी की जांच की मांग
भाजपा ने कुछ क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में कथित असामान्य वृद्धि का मुद्दा भी उठाया है। पार्टी ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर मतदाता संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी की जांच कराने की मांग की है।
इसके साथ ही संभावित मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित और अपात्र मतदाताओं के नामों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मंत्री मनीर उरांव, प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा और अनिल सिंह शामिल थे।


















