Governor offers prayers at Bodeya's Madanmohan Temple; says preserving cultural heritage is the responsibility of us all.

बोड़ेया के मदनमोहन मंदिर में राज्यपाल ने की पूजा-अर्चना, कहा- सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की

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Governor offers prayers at Bodeya's Madanmohan Temple; says preserving cultural heritage is the responsibility of us all.
Governor offers prayers at Bodeya’s Madanmohan Temple; says preserving cultural heritage is the responsibility of us all.

रांची: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शुक्रवार को रांची के बोड़ेया स्थित श्री मदनमोहन मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में हिस्सा लिया। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि बोड़ेया का श्री मदनमोहन मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ झारखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है।.राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 1665 ई. में निर्मित इस मंदिर से जुड़े शिलालेख और ताम्रपत्र इसकी ऐतिहासिकता के महत्वपूर्ण प्रमाण हैं। ऐसी विरासत लोगों को अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ती है।

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उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन कठिन परिस्थितियों में भी सत्य, धर्म और विवेक के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनका व्यक्तित्व प्रेम, करुणा, मित्रता, ज्ञान और कर्तव्य का सुंदर समन्वय है। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया कर्म और आत्मविश्वास का संदेश आज भी प्रासंगिक है। निष्काम कर्म और कर्तव्य के प्रति निष्ठा का संदेश हर व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने ‘श्री मदनमोहन स्वामी स्तुति’ का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक स्तुति का प्रकाशन नहीं, बल्कि भक्ति, आस्था और परंपरा को शब्दों के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास है। उन्होंने इस पहल के लिए मंदिर समिति को बधाई और शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत तभी जीवंत और समृद्ध रहेगी, जब नई पीढ़ी उससे जुड़ेगी। युवाओं को अपने इतिहास, प्राचीन मंदिरों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानने तथा उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करना सभी की जिम्मेदारी है।

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उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संपदा के साथ-साथ समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की भूमि है। इस विरासत का संरक्षण और संवर्धन सामूहिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और संदेशों से प्रेरणा लेकर सत्य, धर्म, प्रेम, सद्भाव और कर्तव्य के मार्ग पर चलने तथा समाज एवं राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।

इससे पूर्व राज्यपाल ने श्री मदनमोहन मंदिर में पूजा-अर्चना की और भगवान से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं आनंद की कामना की। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद आदित्य साहू, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे एवं सुदर्शन भगत, पूर्व सांसद रबीन्द्र कुमार पांडेय एवं समीर उरांव सहित कई गणमान्य अतिथि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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