महिला पत्रकार से मारपीट के विरोध में रांची में पत्रकारों का प्रदर्शन, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग

रांची: दिल्ली में महिला पत्रकार के साथ कथित मारपीट की घटना के विरोध में शनिवार को रांची के फिरायालाल चौक पर पत्रकारों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सहाफी एसोसिएशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के आह्वान पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए। पत्रकारों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और महिला पत्रकार को न्याय दिलाने की मांग की।
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प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र पर हमला है। लोकतंत्र में मीडिया जनता की आवाज को सामने रखने और सच्चाई को समाज तक पहुंचाने का काम करता है। ऐसे में पत्रकारों के साथ हिंसा या दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। वक्ताओं ने विशेष रूप से महिला पत्रकार के साथ कथित मारपीट की घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। पत्रकारों ने प्रदर्शन के दौरान “न्याय दो, सुरक्षा दो”, “पत्रकार पर हमला, लोकतंत्र पर हमला है”, “महिला पत्रकार की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी” और “चुप्पी तोड़ो, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाओ” जैसे नारे लगाए।
वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों को निर्भीक होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। किसी भी पत्रकार, खासकर महिला पत्रकार के साथ हिंसा लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

प्रदर्शन में रांची प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष राजेश सिंह, सुरेंद्र सोरेन, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र गिरी, रांची प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष विपिन उपाध्याय, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष जावेद अख्तर, उपाध्यक्ष वसीम आलम, सैयद रमीज, शाहीन अहमद, गुलाम शाहिद, फिरोज जिलानी, आसिफ नईम, रिजवी, असफर नवाज, दानिश अयाज, राही, मो. इमरान, संजीत झा, मो. रिजवान, अलीशा समेत सैकड़ों पत्रकार मौजूद रहे।
पत्रकारों ने एकजुटता जाहिर करते हुए कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही देशभर में पत्रकारों के साथ होने वाले हमलों और दुर्व्यवहार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया।
















