झारखंड में पत्रकारों पर हमले के खिलाफ आक्रोश:पत्रकारों की मांग स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी माफी मांगो , रांची से पाकुड़ तक प्रदर्शन
झारखंड में पत्रकारों पर हमले के खिलाफ आक्रोश:पत्रकारों की मांग स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी माफी मांगो , रांची से पाकुड़ तक प्रदर्शन
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नवीन /मुकेश
रांची/हजारीबाग: झारखंड में पत्रकारों के साथ बढ़ती बदसलूकी और हिंसा की घटनाओं ने अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। हजारीबाग में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की मौजूदगी में न्यूज़ 18 के पत्रकार सुशांत सोनी सहित दो पत्रकारों के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में राज्य भर के पत्रकार लामबंद हो गए हैं। बुधवार को राजधानी रांची समेत विभिन्न जिलों में पत्रकारों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया और मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
रांची प्रेस क्लब में निंदा प्रस्ताव पारित
बुधवार को रांची प्रेस क्लब में राज्य भर के पत्रकारों की एक आपात बैठक हुई। बैठक में हजारीबाग की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि मंत्री की उपस्थिति में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने जैसा है।
पत्रकारों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि स्वास्थ्य मंत्री इस घटना पर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तो चतरा और आसपास के जिलों के पत्रकार चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।
कार्यक्रमों का बहिष्कार
हजारीबाग की घटना के बाद सिमडेगा में मंत्री के कार्यक्रम से मीडिया ने पूरी तरह दूरी बना ली है, जो सरकार के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
पाकुड़ में काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन, राज्यपाल को ज्ञापन
विरोध की आग पाकुड़ जिले तक भी पहुँच गई है। प्रेस क्लब पाकुड़ के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल के नेतृत्व में जिले भर के पत्रकारों ने बांह पर काला बिल्ला बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया।
डीसी को सौंपा ज्ञापन: पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल समाहरणालय पहुंचकर उपायुक्त (DC) मेघा भारद्वाज से मिला और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
सुरक्षा की मांग: पत्रकारों ने कहा कि राज्य में मीडियाकर्मी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सरकार को पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कठोर कदम उठाने चाहिए।
मुख्य मांगें और भविष्य की रणनीति
पत्रकार संगठनों ने सरकार के सामने अपनी स्पष्ट मांगें रखी हैं:
1. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी घटना पर सार्वजनिक माफी मांगें।
2. पत्रकारों के साथ मारपीट करने वाले दोषियों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई हो।
3. राज्य में ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ लागू करने की दिशा में पहल की जाए।
जाहिर है पत्रकारों के इस एकजुट विरोध ने स्पष्ट कर दिया है कि सत्ता के संरक्षण में मीडिया पर होने वाले हमलों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
















