करम पूजा 22 सितंबर को, पारंपरिक रीति-रिवाज से होगी पूजा

रांची: बिरसा विकास जन कल्याण समिति, मिसिर गोंदा के तत्वावधान में रविवार, 6 सितंबर 2026 को धुमकुड़िया घर में करम महापर्व को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के संरक्षक मांगा उरांव ने की, जबकि संचालन समिति के सचिव कृष्णा उरांव ने किया।
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बैठक में करम पूजा के आयोजन को लेकर कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई। मौजा के मुख्य बुद्धिजीवी चिलगू लकड़ा ने बताया कि 22 सितंबर 2026, मंगलवार को भादो शुक्ल पक्ष एकादशी के अवसर पर उपवास रखा जाएगा। शाम 7 बजे से पारंपरिक रीति-रिवाज एवं विधि-विधान के साथ करम पूजा शुरू होगी। इसके बाद 23 सितंबर को पारणा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 24 सितंबर को करम राजा को पारंपरिक तरीके से गांव में भ्रमण कराया जाएगा और इसके बाद विसर्जन किया जाएगा। वहीं 25 सितंबर को करम ईंद जतरा का आयोजन किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष अनिल उरांव ने कहा कि इस वर्ष भी करम पूजा पारंपरिक रीति-रिवाज, विधि-विधान और धार्मिक कर्मकांड के अनुसार आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज की परंपराओं और मान्यताओं के अनुरूप पूजा-अर्चना सुनिश्चित की जाएगी।

अनिल उरांव ने राज्य सरकार से मांग की कि करम पर्व के अवसर पर तीन दिवसीय राजकीय अवकाश घोषित किया जाए, ताकि आदिवासी समाज अपनी रूढ़िवादी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को पूरी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ निभा सके।
बैठक में समिति के मुख्य संरक्षक एतवा मुंडा, संरक्षक जगन्नाथ उरांव, सुरेश टोप्पो, बिरसा बांडो, आशीष हेमरोम, छोटू लिंडा, सुरेश बांडो, गंगा कच्छप, राजेश उरांव, नवीन लिंडा, अविनाश लकड़ा, बिकी बांडो, अभिषेक बांडो, विकास लकड़ा, संजय उरांव, सुशांत उरांव, शांति उरांव, पुतुल कच्छप, सोमारी उरांव, गुंदी उरांव, एतवारी उरांव, संदीप उरांव, गुड्डू नायक, मुन्नी उरांव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
















