SIR में नोटिस पाने वाले मतदाताओं की 14 अक्टूबर तक होगी सुनवाई, राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
रांची। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में SIR के तहत नोटिस वितरण और सुनवाई की प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा की गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उपायुक्त ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं के लिए 14 अक्टूबर 2026 तक सुनवाई की जाएगी। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे नोटिस प्राप्त मतदाताओं को सुनवाई की तारीख, स्थान और आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी पहुंचाने में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, वे निर्धारित तिथि और स्थान पर सुनवाई में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं। सुनवाई के दौरान मतदाताओं द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर संबंधित प्राधिकारी नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।

बीएलए-2 के जरिए बीएलओ को सहयोग करने की अपील
बैठक में बीएलए-2 के माध्यम से बीएलओ को सहयोग करने पर भी चर्चा हुई। राजनीतिक दलों से फॉर्म-6 और फॉर्म-8 से जुड़े कार्यों में बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया, ताकि पात्र मतदाताओं के पंजीकरण और मतदाता सूची में आवश्यक सुधार की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
1 अक्टूबर को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले कर सकेंगे पंजीकरण
उपायुक्त ने बताया कि 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले भारतीय नागरिक नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों से ऐसे युवाओं और अन्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए जागरूक करने की अपील की।
जिन मतदान केंद्रों पर फॉर्म-6 के डिजिटाइजेशन की प्रगति कम है, वहां बीएलए-2 और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बीएलओ के साथ समन्वय कर सहयोग करने को कहा गया है।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन और अधिक विश्वसनीय बनाना है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न हो और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
बैठक में जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी बिवेक कुमार सुमन सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
















