चाईबासा में 170 कराटेकारों की ग्रेडिंग परीक्षा, तकनीक से लेकर अनुशासन तक की हुई परख
चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम में कराटे सीख रहे बच्चों के लिए रविवार का दिन परीक्षा और प्रदर्शन का रहा। संत जेवियर स्कूल चाईबासा के ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित जूनियर कलर बेल्ट कराटे ग्रेडिंग परीक्षा में जिले के अलग-अलग स्कूलों और प्रशिक्षण केंद्रों से करीब 170 कराटेकारों ने हिस्सा लिया। बच्चों ने अपनी-अपनी तैयारी के अनुसार कराटे की तकनीकों का प्रदर्शन कर अगली बेल्ट के लिए अपनी योग्यता साबित करने की कोशिश की।
यह परीक्षा जापान कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया (जेकेएआई) झारखंड, पश्चिमी सिंहभूम के तत्वावधान में आयोजित की गई। ग्रेडिंग के दौरान प्रतिभागियों को कराटे की बुनियादी तकनीक से लेकर मुकाबले से जुड़ी दक्षता तक कई स्तरों पर परखा गया।
किहोन, काता और कुमीते में दिखाया कौशल
ग्रेडिंग के दौरान किहोन, काता और कुमीते के साथ शारीरिक क्षमता की भी जांच की गई। इसके अलावा प्रतिभागियों से मौखिक परीक्षा भी ली गई। यानी बेल्ट हासिल करने के लिए बच्चों के सामने केवल तकनीक का प्रदर्शन करना ही पर्याप्त नहीं था, बल्कि कराटे से जुड़े उनके ज्ञान और अनुशासन को भी परीक्षा का हिस्सा बनाया गया।
परीक्षा का संचालन जेकेएआई झारखंड के मुख्य कराटे प्रशिक्षक एवं परीक्षक पंकज कुमार सिंह, ब्लैक बेल्ट 6वीं डॉन जापान ने किया। परीक्षा में निरंजन कुमार दास, ब्लैक बेल्ट तृतीय डिग्री और अंशु विश्वकर्मा, ब्लैक बेल्ट प्रथम डिग्री ने भी सहयोग किया।

आठ संस्थानों के कराटेकार हुए शामिल
ग्रेडिंग परीक्षा में चाईबासा और आसपास के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से बच्चे पहुंचे। इनमें संत जेवियर कल्याण केंद्र चाईबासा, संत जेवियर बालक विद्यालय चाईबासा, संत जेवियर इंग्लिश स्कूल चाईबासा, डीएवी स्कूल चाईबासा, संत विवेका स्कूल चाईबासा, संत जेवियर्स हाई स्कूल लुपुंगुटू, बाल मंडली नीमडीह चाईबासा और आरबीएस स्कूल असुरा के कराटेकार शामिल रहे।
बच्चों के प्रदर्शन को अलग-अलग बेल्ट स्तर के अनुसार आंका गया। परीक्षा में सफल प्रतिभागियों को उनके स्तर के मुताबिक अगली ग्रेड के लिए चुना गया।
इन खिलाड़ियों ने किया बेहतर प्रदर्शन
परीक्षा में अनुराग निषाद, सुनील बिरूली, अनीश मोहंती, विजय सिंह कोड़ा, कृष्णा सवैंयाँ, एलीना कालुंडिया, आशीष कुमार सिन्हा और मुस्कान गोप का प्रदर्शन बेहतर रहा।
9वीं क्यू रेड बेल्ट के लिए सफल
रेड बेल्ट श्रेणी में आरव गुप्ता, धनजी गोप, घनश्याम हेस्सा, अमृत खलको, अनिश देवगम, अंशुमन मुनदुईया, कृष्णा गोप, नरेंद्र बिरूली, आरिषी कुमारी, वीवान बक्शी, लेखराज लमाय, आरव देवगम, शुद्ध आत्मा नंदन प्रधान, अनीश मोहंती, प्रिंस जयराम तमसोय, निशिका तमसोय, मुस्कान गोप, श्रद्धा कोड़ा, आरोही कुमारी, शिशिर सिरका, इमरान पूर्ति, अनाया हेंब्रम, समीक्षा सिंकू, करमजीत गागराई, नोयेल प्रिंस कुदादा, मीनाक्षी सुंडी, खुशबू होनहागा, यशवीर ठाकुर, जयललिता वोयपाई, जोशुआ रिचर्ड, दिव्या कालुंडिया, मयूरी कालुंडिया, अर्णव विश्वकर्मा, युवराज नमाता और रियाना सुंडी सफल रहे।
8वीं क्यू ऑरेंज बेल्ट
ऑरेंज बेल्ट के लिए दामु बिरूली, वीर सिंह आल्डा, समीर बारी, सुनील बिरूली, सरस्वती बिरूली, पद्ममुनी बारी, मोहन गोप, मनजीत मुनदुईया, अंकित बारी, शनि बारी, जसलीन गोप, अनीता बिरूली, स्नेहा सुंडी, कृष्णा दिग्गी, रोहित समड, विजय सुंडी, रितिका कुमारी, पीहू कुमारी, नारंगा सिंह कुंटिया, शौर्य कुमार महतो, दैविक दत्ता, सुरेश बारी, जय नायक, विष्णु भगवान मेलगांडी, आसियानी सवैंयाँ, अंशुमान नायक, सुजय बी. कुमार, एंजेल वारी, डोली सवैंयाँ, अर्पिता प्रजापति, जस्टिन रिचर्ड, प्रभा इंजल पूर्ति, नारायण जारिका, अननया चौधरी, अनुराग निषाद और अक्षज कुमार सिन्हा सफल रहे।
7वीं क्यू येलो बेल्ट
येलो बेल्ट श्रेणी में चंद्रप्रभा सिंकू, नारंगा सिंह कुंटिया, लक्ष्य कुमार, एशलीन हेंब्रम, करण सोय, ईसावी तानया, एमडी समर, लखन जारिका, नारायण जारिका, तनुजा मछुवा, नंदिनी मछुवा और अंगद रजक ने सफलता हासिल की।
6वीं क्यू ग्रीन बेल्ट
ग्रीन बेल्ट के लिए तृप्त कुमार पान, रितीका बिरुवा, साकची किरण सुम्बुरुई, सिद्धार्थ अमन लागुरी, मनीषा सरदार, तनुज ईंगुल गागराई, पंकज पाड़िया, कल्पना दास, विजय सिंह कोड़ा, आदरिजा डे, सानवी ईचागुटू, श्याम नारायण केराई, मिसीका सवैंयाँ, जीत सवैंयाँ, नाव्या निष्ठा, कृष्णा सवैयाँ, यशवंत बारी, जिमीत लागुरी, मिस्टी दास और सरीना बारी सफल रहे।
5वीं क्यू पर्पल बेल्ट
पर्पल बेल्ट के लिए विजय सिंह कोड़ा, एंजेल सरदार, आशीष कुमार सिन्हा, एंजेलिना पुरती, आलोक तापे, गौतम सुरीन, एलीना कालुंडिया, मयूरी सुम्बुरुई, खुशी किरण तीयू, अर्पित सुम्बुरुई, सौरव सवैंयाँ, बलवावन सवैंयाँ, दिशानी हेंब्रम, अर्पिता गरनायक, समीर सवैंयाँ, परिधि लागुरी, विशाखा सवैंयाँ, कुशल करवा, रिमील कालुंडिया, विराज गोप, चिराग गोप, कुणाल मुंडा, बामिया देवगम और विद्या बिरूवा ने सफलता हासिल की।
4वीं क्यू पर्पल स्ट्राइप बेल्ट
पर्पल स्ट्राइप बेल्ट श्रेणी में श्याम पिंगुवा, हर्षित डोगरा, आरव कुमार, अभनी मालहो हेंब्रम, रमन बिरूली, स्तुति मींज, कुशल करवा और सौरभ बिरूवा सफल घोषित किए गए।
तकनीक के साथ अनुशासन पर भी जोर
जेकेएआई झारखंड के अध्यक्ष सह मुख्य कराटे प्रशिक्षक एवं परीक्षक पंकज कुमार सिंह के अनुसार ग्रेडिंग परीक्षा केवल बेल्ट बदलने की प्रक्रिया नहीं है। इसके माध्यम से यह देखा जाता है कि प्रशिक्षण लेने वाला बच्चा कराटे की तकनीकों को किस स्तर तक समझ और इस्तेमाल कर पा रहा है। इसके साथ उसके अनुशासन, शारीरिक क्षमता और कराटे से संबंधित बुनियादी ज्ञान का भी आकलन किया जाता है।
करीब 170 बच्चों की भागीदारी वाली इस परीक्षा ने पश्चिमी सिंहभूम में स्कूली स्तर पर कराटे प्रशिक्षण की पहुंच को भी सामने रखा। अलग-अलग स्कूलों के बच्चों के एक मंच पर प्रदर्शन करने से उन्हें अपनी तैयारी को दूसरे प्रतिभागियों के प्रदर्शन से परखने का अवसर भी मिला।


















