Water worth ₹700 crore for industries, yet farmers go thirsty! Saryu Roy attacks the Hemant government.

जमशेदपुर : मानगो निगम में नियमों की अनदेखी का आरोप, सरयू राय ने प्रधान सचिव को लिखा पत्र

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करोड़ों की निविदाएं रद्द करने से लेकर पुरानी दर-सूची पर 55 योजनाओं की निविदा तक पर उठाए सवाल

जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम के वर्तमान अपर नगर आयुक्त के कामकाज को लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव का ध्यान आकृष्ट कराया है। उन्होंने निगम में निविदा प्रक्रिया, विकास योजनाओं के चयन, बोर्ड की बैठकों और अधिकारियों की पदस्थापना से जुड़े कई मामलों पर सवाल उठाते हुए विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है।

प्रधान सचिव को भेजे पत्र में सरयू राय ने आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये की योजनाओं की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई है। उन्होंने विशेष रूप से पहले से प्रकाशित और प्रक्रिया में आगे बढ़ चुकी निविदाओं को रद्द करने तथा नई निर्धारित दर-सूची जारी होने के बाद भी पुरानी दर-सूची के आधार पर 55 योजनाओं की निविदा जारी करने का मुद्दा उठाया है।

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3.58 करोड़ रुपये की छह निविदाएं रद्द करने पर सवाल

सरयू राय के अनुसार, निविदा आमंत्रण सूचना संख्या UDHD/MMC/01/2026-27, दिनांक 13 अप्रैल 2026, के माध्यम से तत्कालीन उप नगर आयुक्त ने छह योजनाओं के लिए निविदा प्रकाशित की थी। इन योजनाओं की कुल लागत 3 करोड़ 58 लाख 17 हजार 400 रुपये थी।

उन्होंने पत्र में कहा है कि इन निविदाओं को खोला जा चुका था और तुलनात्मक वित्तीय विवरणी तैयार कर नियमानुसार निष्पादन की प्रक्रिया चल रही थी। इन योजनाओं को नगर विकास विभाग से प्रशासनिक स्वीकृति भी मिल चुकी थी। इसके बावजूद वर्तमान अपर नगर आयुक्त ने इन निविदाओं का निष्पादन करने के बजाय उन्हें रद्द कर दिया। सरयू राय के अनुसार, इसका परिणाम यह हुआ कि संबंधित आवश्यक योजनाओं का क्रियान्वयन लंबित हो गया।

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22 योजनाओं की निविदा रद्द करने पर भी सवाल

विधायक ने UDHD/MMC/04/2025-26, दिनांक 27 सितंबर 2025 और UDHD/MMC/11/2025-26, दिनांक 15 जनवरी 2026 की निविदाओं को रद्द किए जाने पर भी सवाल उठाया है।

उनके अनुसार, दोनों निविदाओं में कुल 2 करोड़ 6 लाख 90 हजार 540 रुपये की 22 योजनाएं शामिल थीं। उन्होंने दावा किया कि निविदाएं खोली जा चुकी थीं, संवेदकों का चयन हो चुका था और कार्यादेश जारी होने के बाद उनसे अग्रधन भी जमा कराया गया था।

सरयू राय ने कहा कि जिन चयनित संवेदकों ने काम शुरू नहीं किया था, उन्हें नियमानुसार तीन सूचनाएं दी जानी चाहिए थीं। इसके बाद भी काम शुरू नहीं करने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए थी। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया को अपनाने के बजाय निविदाएं ही रद्द कर दी गईं।

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नई दर-सूची के बावजूद पुरानी दर पर 55 योजनाओं की निविदा

सरयू राय ने नई और पुरानी निर्धारित दर-सूची को लेकर भी सवाल उठाया है। उनके अनुसार, राज्य सरकार ने विभिन्न कार्य विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए नई निर्धारित दर-सूची प्रकाशित की है। इसके बावजूद मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त ने पुरानी निर्धारित दर-सूची के आधार पर 55 योजनाओं की निविदा प्रकाशित कर दी। इन योजनाओं की कुल प्राक्कलित राशि 5 करोड़ 58 लाख 5 हजार 870 रुपये बताई गई है।

सरयू राय ने कहा है कि नई निर्धारित दर-सूची जारी होने के बाद पुरानी दर-सूची के आधार पर योजनाओं की निविदा निकालना उचित नहीं है। उन्होंने इस मामले में विभागीय स्तर पर कार्रवाई की मांग की है।

विकास योजनाओं के चयन में भेदभाव का आरोप

मानगो नगर निगम में विकास योजनाओं के चयन को लेकर भी विधायक ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि यथा संशोधित झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 के तहत नगर निगमों की कार्यकारी शक्तियां नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त और उप नगर आयुक्त के पास होती हैं।

सरयू राय ने आरोप लगाया कि मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त बाहरी दबाव में काम कर रहे हैं और विकास योजनाओं के चयन में भेदभाव किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक होने के नाते वह निगम बोर्ड के पदेन सदस्य हैं। इसके बावजूद 55 योजनाओं के लिए प्रकाशित निविदा में उनके कार्यालय की ओर से भेजी गई एक भी योजना शामिल नहीं की गई। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव में किया जा रहा भेदभावपूर्ण आचरण बताया है।

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निगम बोर्ड की बैठक और कार्यवाही पर भी सवाल

नगर निगम बोर्ड की बैठकों को लेकर भी सरयू राय ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड की बैठक प्रत्येक माह होनी चाहिए, लेकिन पिछली बैठक 18 अगस्त 2026 को हुई थी। उनके अनुसार, यह बैठक भी करीब चार महीने के अंतराल के बाद बुलाई गई थी।

सरयू राय ने कहा कि पिछली बैठक को एक महीना पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक अगली बैठक बुलाने की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली बैठक की कार्यवाही अब तक बोर्ड सदस्यों को उपलब्ध नहीं कराई गई है।

उनके अनुसार, नियमानुसार बैठक से 72 घंटे पहले कार्यसूची सभी प्रतिभागियों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि पिछली बैठक में उन्हें कार्यसूची उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि अन्य सदस्यों को केवल विचारणीय बिंदुओं की सूची भेजी गई।

वरीय अधिकारी की कनीय पद पर पदस्थापना का मुद्दा

सरयू राय ने मानगो नगर निगम में अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर भी सवाल उठाया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी विजय कुमार वर्मा का पदस्थापन मानगो नगर निगम में हुआ है।

सरयू राय ने कहा वर्मा अपर नगर आयुक्त से वरीय होने के बावजूद उनके अधीन उप नगर आयुक्त के पद पर कार्य कर रहे हैं। सरयू राय ने इसे प्रशासनिक दृष्टि से असामान्य स्थिति बताते हुए सरकार से इस मामले में अपने विवेक के अनुसार निर्णय लेने का अनुरोध किया है।

उन्होंने सवाल उठाया कि वरीय अधिकारी को कनीय अधिकारी के अधीन कनीय पद पर पदस्थापित करने के पीछे सरकार की क्या मंशा है। हालांकि उन्होंने कहा कि इस विषय पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा और सरकार को अपने स्तर पर निर्णय लेना चाहिए।

प्रधान सचिव से विधिसम्मत कार्रवाई की मांग

सरयू राय ने नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव से पत्र में उल्लिखित पहले पांच बिंदुओं के आधार पर मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त के खिलाफ कार्य संपादन में कथित अनियमितता को लेकर विधिसम्मत कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

वहीं, अधिकारियों की पदस्थापना से जुड़े छठे बिंदु पर उन्होंने सरकार से अपने विवेक के अनुसार निर्णय लेने का अनुरोध किया है।

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अश्वनी पाठक

अश्वनी पाठक

रिपोर्टर

अश्वनी पाठक जमशेदपुर निवासी हैं और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने न्यूज मीडिया किरण के माध्यम से पत्रकारिता की शुरुआत की। वाणिज्य में ऑनर्स (बी.कॉम) की शिक्षा पूरी करने के बाद वर्तमान में एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ वे कानून की शिक्षा भी प्राप्त कर रहे हैं।