झाड़-फूंक से बचें, सर्पदंश का इलाज अस्पताल में ही संभव : सिविल सर्जन

निर्मल सिंह
गुमला: अंतर्राष्ट्रीय सर्पदंश दिवस के अवसर पर शनिवार को सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. शम्भूनाथ चौधरी मुख्य अतिथि और अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. धनुर्जय सुब्राय विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

सिविल सर्जन डॉ. शम्भूनाथ चौधरी ने कहा कि सर्पदंश गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, लेकिन समय पर अस्पताल पहुंचकर उचित उपचार मिलने पर पीड़ित की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद नहीं करने की अपील की।

उन्होंने बताया कि सांप के काटने पर प्रभावित स्थान को साफ पानी से धोना चाहिए और पीड़ित को शांत रखना चाहिए। यदि हाथ में सांप ने काटा है तो हाथ को स्थिर रखते हुए नीचे की ओर लटकाकर रखना चाहिए और बिना देरी किए पीड़ित को नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम (एंटी वेनम) की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है।

सिविल सर्जन ने लोगों को आगाह किया कि सर्पदंश की जगह को काटना, चूसना या दबाना नहीं चाहिए। ऐसे पारंपरिक उपायों से स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय है। कार्यक्रम में डॉ. नागभूषण, अभिनित आनंद, विजय कुमार, शिवचरण साहू, राजकुमार ओहदार, प्रकाश कुमार सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित थे।

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