naxal-case-warranty-grabbed-left-expensive

नक्सली मामले के वारंटी को पकड़कर छोड़ना पड़ा महंगा, दंगवार ओपी प्रभारी लाइन हाजिर

Share
Link copied

पलामू: बिहार के मोतिहारी जिले में दर्ज नक्सली मामले के एक वारंटी को गिरफ्तार करने के बाद छोड़ देना दंगवार ओपी प्रभारी को महंगा पड़ गया। मामले की जांच में वारंटी को पुलिस द्वारा पकड़कर थाने लाने और बाद में छोड़ने की पुष्टि होने के बाद पलामू एसपी कपिल चौधरी ने दंगवार ओपी प्रभारी सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र मेहता को लाइन हाजिर कर दिया है।जानकारी के अनुसार, पलामू पुलिस इन दिनों विभिन्न मामलों में फरार और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चला रही है। इसी अभियान के दौरान 22 सितंबर की रात दंगवार ओपी पुलिस ने राजेंद्र पासवान को पकड़ा था। राजेंद्र पासवान पर बिहार के मोतिहारी जिले में वर्ष 2016 में नक्सली गतिविधियों से जुड़े मामले में 17 सीएल एक्ट के तहत केस दर्ज होने की बात सामने आई है।

RKDF
advertisement

बताया गया कि दंगवार ओपी प्रभारी ने राजेंद्र पासवान को रात करीब 12 बजे पकड़ा था। हालांकि, आरोप है कि उसे गिरफ्तार करने के बाद उसी रात छोड़ दिया गया। मामले की जानकारी पलामू एसपी कपिल चौधरी तक पहुंची तो उन्होंने इसकी जांच कराने का निर्देश दिया।एसपी के निर्देश पर हुसैनाबाद एसडीपीओ दिव्यांशु शुक्ला के नेतृत्व में मामले की जांच कराई गई। जांच के दौरान इस बात की पुष्टि हुई कि राजेंद्र पासवान को पुलिस ने पकड़ा था और बाद में उसे छोड़ दिया गया। बताया गया है कि राजेंद्र पासवान दंगवार क्षेत्र में ही रहता है और उसकी उम्र करीब 68 वर्ष है।

Advertisment
Advertisment

एसपी ने कहा- पकड़ने के बाद वरीय अधिकारियों को देनी थी जानकारी

मामले में पलामू एसपी कपिल चौधरी ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को पकड़ने के बाद उसे इस तरह छोड़ देना उचित नहीं है। यदि पुलिस ने वारंटी को पकड़ा था तो इसकी जानकारी तत्काल वरीय अधिकारियों को दी जानी चाहिए थी और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ओपी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया।

Advertisment
Advertisment

मोतिहारी पुलिस भी जुटा रही जानकारी

इस मामले में यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि राजेंद्र पासवान के खिलाफ मोतिहारी जिले में कुल कितने मामले दर्ज हैं और नक्सली मामले में उसकी भूमिका किस स्तर की थी। इस संबंध में मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात से जानकारी मांगी गई है। उन्होंने बताया कि राजेंद्र पासवान से जुड़े मामले और उसकी भूमिका के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पलामू पुलिस की इस कार्रवाई के बाद वारंटियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई को लेकर पुलिस महकमे में भी चर्चा तेज हो गई है।

ABOUT THE AUTHOR
Drishti Now Desk

Drishti Now Desk

Desk

Drishti Now एक स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जिसकी प्राथमिक कवरेज झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों पर केंद्रित है। इसके साथ देश और दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी समाचार प्रकाशित किए जाते हैं। राजनीति, अपराध, समाज, धर्म, शिक्षा, खेल, प्रशासन, मौसम और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर किया जाता है। Drishti Now का उद्देश्य पाठकों तक महत्वपूर्ण समाचारों और घटनाक्रमों की स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार जानकारी पहुंचाना है। Drishti Now — नजर हर खबर पर।