बोकारो में डिजिटल अरेस्ट कर 4.50 लाख की ठगी, आगरा से दो साइबर अपराधी गिरफ्तार
बोकारो पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए डिजिटल अरेस्ट के जरिए महिला से 4.50 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खुद को महाराष्ट्र एटीएस का अधिकारी बताकर गोमिया की रहने वाली महिला को अपने जाल में फंसाया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने महिला को बताया था कि उसके पति के खाते में पाकिस्तान से जुड़े एक खाते के जरिए 300 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। इस लेन-देन में उसके पति को कथित तौर पर 16 लाख रुपये कमीशन के रूप में मिले हैं। इसके बाद गिरफ्तारी का डर दिखाकर महिला को डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया और उससे 4 लाख 50 हजार रुपये की ठगी की गई।

13 मार्च को आया था ठगी का फोन
मामला 13 मार्च 2026 का है। गोमिया थाना क्षेत्र की रहने वाली पुष्पलता त्रिपाठी को साइबर अपराधियों ने फोन किया। आरोपियों ने खुद को महाराष्ट्र एटीएस का अधिकारी बताया और महिला को उसके पति के खिलाफ गंभीर आरोपों में कार्रवाई की बात कही। साइबर अपराधियों ने महिला को बताया कि उसके पति का संबंध पाकिस्तान से जुड़े 300 करोड़ रुपये के अवैध लेन-देन से है और इस मामले में उन्हें 16 लाख रुपये कमीशन मिला है। आरोपियों ने गिरफ्तारी का भय दिखाकर महिला को लगातार अपने नियंत्रण में रखा और डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर 4.50 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। मामले में बोकारो साइबर थाना में कांड संख्या 08/2026 दर्ज किया गया था।

तकनीकी साक्ष्य के आधार पर आगरा पहुंची पुलिस
मामले की जांच के लिए बोकारो पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना की टीम गठित की गई। पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय)-सह-थाना प्रभारी साइबर थाना के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के आगरा में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय रवि कुमार और 21 वर्षीय ऋतिक कुशवाहा, दोनों निवासी आगरा, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।

कंबोडिया में काम कर चुका है मुख्य आरोपी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में रवि कुमार पहले कंबोडिया में काम कर चुका है। वह करीब डेढ़ वर्ष तक कंबोडिया में रहा और भारत लौटने के बाद आगरा में रहकर साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ गया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
दो मोबाइल फोन बरामद
बोकारो मुख्यालय सह साइबर थाना के डीएसपी पवन कुमार ने कैंप-2 स्थित कार्यालय में मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से साइबर ठगी से संबंधित महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।पुलिस ने आरोपियों के पास से iPhone 15 और Nothing Phone (3a) समेत दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, मोबाइल में साइबर फ्रॉड से जुड़े पैसों के लेन-देन के ऑडियो और मैसेज के साक्ष्य मिले हैं। बोकारो पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारियों से इस साइबर ठगी के नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।

प्रेमिका की हत्या के आरोप में अग्निवीर जवान गिरफ्तार, जंगल में दफनाया था शव
सिमडेगा: टीटांगर थाना क्षेत्र में प्रेमिका की हत्या कर शव को जंगल में दफनाने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है।…
मानगो फ्लाइओवर पर सरयू राय का सवाल- अनुमति से पहले निर्माण क्यों? वन विभाग की जमीन पर रैंप को लेकर उठाए सवाल
जमशेदपुर। मानगो फ्लाइओवर के निर्माण को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने पथ निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया…


















